
रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। शहर के हरिऔध कला केंद्र में मंगलवार को आरएसएस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव कुमार के मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने को लेकर समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम स्थल के पास नारेबाजी के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने करीब 15 छात्र नेताओं को हिरासत में लेकर शहर कोतवाली पहुंचाया।
हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं में कुणाल, दुर्गेश यादव, विवेक सिंह, आनंद यादव, गोलू यादव, विकास यादव, अखिलेश पांडेय, अभिषेक यादव, विवेक यादव और मोहित यादव समेत करीब 15 कार्यकर्ता शामिल रहे। पुलिस ने सभी के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई करते हुए चालान किया। करीब सात घंटे बाद देर रात लगभग 11 बजे सभी छात्र नेताओं को मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
कुलपति के कार्यक्रम में शामिल होने पर जताया विरोध
आरएसएस के कार्यक्रम में कुलपति डॉ. संजीव कुमार के मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने की जानकारी मिलने के बाद समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता हरिऔध कला केंद्र पहुंचे। छात्र नेताओं ने कुलपति के कार्यक्रम में शामिल होने का विरोध करते हुए नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विश्वविद्यालय के कुलपति को किसी राजनीतिक या वैचारिक संगठन के कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने से बचना चाहिए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल से दूर रखने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस और छात्र नेताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने करीब 15 लोगों को हिरासत में ले लिया।
देर से पहुंचे सपा नेता, छात्र नेताओं में नाराजगी
छात्र नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद स्थानीय समाजवादी पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के काफी देर तक कोतवाली नहीं पहुंचने को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिखाई दी। करीब सात घंटे बाद रात नौ बजे पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक नफीस अहमद, विधायक संग्राम यादव, विधायक अखिलेश यादव, जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, विधायक बेचई सरोज समेत पार्टी के अन्य जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी शहर कोतवाली पहुंचे।
सपा नेताओं ने कोतवाली में हिरासत में लिए गए छात्र नेताओं से मुलाकात की और पुलिस अधिकारियों से उनकी रिहाई को लेकर बातचीत की। इसके बाद रात करीब 11 बजे शांति भंग की कार्रवाई में चालान किए गए सभी छात्र नेताओं को मुचलके पर छोड़ दिया गया।
‘संघर्ष के समय कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना नेतृत्व की जिम्मेदारी’
रिहाई के बाद छात्र नेताओं ने स्थानीय पार्टी नेतृत्व के देर से पहुंचने पर खुलकर नाराजगी जताई। छात्र नेता विवेक सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव के लिए हजार जवानी कुर्बान है,” लेकिन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद स्थानीय नेताओं के देर से पहुंचने पर उन्हें हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि संघर्ष के समय कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना नेतृत्व की जिम्मेदारी है।
वहीं, छात्र नेता दुर्गेश यादव ने भी स्थानीय पार्टी नेताओं के देर से पहुंचने पर कटाक्ष किया। छात्र नेताओं का कहना था कि पार्टी और विचारधारा के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को मुश्किल समय में नेतृत्व के साथ की जरूरत होती है।
देर रात मुचलके पर रिहा हुए सभी कार्यकर्ता
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए सभी छात्र नेताओं का शांति भंग में चालान किया गया था। मुचलका भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देर रात करीब 11 बजे सभी को रिहा कर दिया गया। घटना के बाद हरिऔध कला केंद्र में आयोजित कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच विरोध को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
