रिपोर्ट______आशीष निषाद

आजमगढ़। जिले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर बंद किए गए प्राथमिक एवं जूनियर हाईस्कूलों के परिसर के बाहर शिक्षक दिवस मनाकर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। इसी क्रम में अतरौलिया शिक्षा क्षेत्र के ग्राम पंचायत अनंतपुर स्थित बंद प्राथमिक विद्यालय दुर्गापुर के बाहर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सपा ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव ने किया। इस दौरान लोगों ने बंद किए गए विद्यालयों को पुन: संचालित किए जाने की मांग उठाई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा ब्लॉक अध्यक्ष कन्हैया गौड़ ने की, जबकि संचालन जयप्रकाश यादव ने किया। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख चंद्रशेखर यादव ने कहा कि बंद विद्यालय के कारण क्षेत्र के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण बच्चों को शिक्षा के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, जिसका सीधा असर उनके भविष्य और रोजगार के अवसरों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 26 हजार विद्यालय बंद किए गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में शराब की दुकानें खोली गई हैं। सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहब के संविधान में दिए गए शिक्षा और अधिकारों के लिए लोगों को आगे आना होगा। महंगाई का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता महंगाई से परेशान है, लेकिन सरकार को इसकी चिंता नहीं है। चीनी की बढ़ती कीमतों और पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। चंद्रशेखर यादव ने कहा कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर बंद विद्यालयों को दोबारा संचालित कराया जाएगा। इन विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को भी पुन: काम करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्यालयों के दोबारा खुलने से बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की दूरगामी सोच का परिणाम था कि गांव-गांव में बच्चों के भविष्य और पठन-पाठन के लिए विद्यालयों का निर्माण कराया गया। आज उन्हीं विद्यालयों को बंद किया जाना सरकार की मंशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अब चुप नहीं बैठेंगे और लोगों के हक व अधिकार के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

इस अवसर पर चंद्रजीत यादव, शीतला निषाद, लचीराम वर्मा, रणविजय यादव, इरशाद अहमद, बलराम यादव, राधेश्याम लीडर, कमला यादव, संजय मौर्य, पिंटू यादव, घनानंद गिरी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।