रिपोर्ट_____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के तहबरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और अंतरजनपदीय चोर गिरोह के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गिरोह के दो आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें गिरफ्तार कर उपचार के लिए सीएचसी तहबरपुर भेजा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, खोखा व जिंदा कारतूस तथा 15,250 रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर अपराधियों और वांछित आरोपियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 28/29 सितंबर की रात तहबरपुर पुलिस क्षेत्र में चेकिंग और वांछित आरोपियों की तलाश में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी की घटनाओं में वांछित आरोपी करियाबर गांव के पास सर्विस लेन पर मौजूद हैं और किसी नई घटना की रेकी कर रहे हैं।

सूचना के आधार पर थानाध्यक्ष तहबरपुर आदित्य कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सूर्य पाल, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि टीम को देखते ही दोनों आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी।

करीब रात 3:15 बजे पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपियों की पहचान दिलशाद पुत्र नसरुद्दीन, निवासी नगरिया कला, थाना फतेहगंज पूर्वी, बरेली, उम्र करीब 22 वर्ष और सोनू अली उर्फ असगर पुत्र शमशेर, निवासी बजेड़ा भगवानपुर, थाना जैतीपुर, शाहजहांपुर, उम्र करीब 27 वर्ष के रूप में हुई है।

हाईवे और एक्सप्रेस-वे के आसपास करते थे रेकी

पूछताछ में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य हाईवे और एक्सप्रेस-वे के आसपास SUV वाहन खड़ा कर नजदीकी गांवों में ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जहां चोरी करना आसान हो। इसके बाद रात में छत अथवा पीछे के रास्ते से मकान में दाखिल होकर ताला काटने वाली मशीन से दरवाजे, बक्से और अलमारी के ताले काटकर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी करते थे।

चोरी के बाद सभी सदस्य निर्धारित स्थान पर पहुंचते थे, जहां SUV चालक उन्हें लेकर मौके से फरार हो जाता था। चोरी के सामान को बेचकर मिले रुपये आपस में बांट लिए जाते थे।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने आजमगढ़ के अलावा गाजीपुर, बलिया, जौनपुर और अम्बेडकरनगर में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की जानकारी दी है। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर अहरौला क्षेत्र की दो, तहबरपुर की दो, बिलरियागंज की दो तथा अम्बेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र की एक चोरी की घटना का अनावरण होने की बात पुलिस ने कही है।

पहले चार सदस्य हो चुके हैं गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार 20 अगस्त 2026 को अहरौला और तहबरपुर पुलिस की अलग-अलग मुठभेड़ों में इसी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। इनके कब्जे से तीन अवैध तमंचे, कारतूस, चोरी के सोने-चांदी के जेवरात, 29,230 रुपये नकद, XUV-500 वाहन, पांच मोबाइल फोन और चोरी में इस्तेमाल उपकरण बरामद किए गए थे।

उस समय गिरोह के चार सदस्य फरार चल रहे थे। इनमें से दिलशाद और सोनू अली उर्फ असगर अब मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक आफताब पुत्र जाकिर और नेसार पुत्र नसीर अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

दिलशाद पर कई जिलों में मुकदमे

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दिलशाद के खिलाफ अलीगढ़ के इगलास थाने में वर्ष 2025 के छह मुकदमों समेत आजमगढ़ और अम्बेडकरनगर में चोरी एवं घर में घुसकर चोरी के कई मामले दर्ज हैं। वहीं सोनू अली के खिलाफ भी अहरौला, बिलरियागंज, तहबरपुर और अम्बेडकरनगर के जैतपुर थाना क्षेत्र में चोरी के मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ तहबरपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं। मुठभेड़ के संबंध में मु0अ0सं0 135/2026, धारा 109(1) बीएनएस एवं 3/25/27 आर्म्स एक्ट तथा धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है।

बरामदगी

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे .315 बोर, दो खोखा कारतूस, तीन जिंदा कारतूस .315 बोर और 15,250 रुपये नकद बरामद हुए हैं। घटनास्थल से फील्ड यूनिट द्वारा आवश्यक साक्ष्य भी संकलित किए गए हैं।

मुठभेड़ और गिरफ्तारी की कार्रवाई में थानाध्यक्ष आदित्य कुमार सिंह, उपनिरीक्षक लोकेश मणि त्रिपाठी, उपनिरीक्षक सूर्य पाल समेत तहबरपुर थाने की पुलिस टीम शामिल रही।