आजमगढ़। अंतरराष्ट्रीय भोजपुरी संगम भारत के तत्वावधान में साहित्यकार व राज्यपाल एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित डॉ. ईश्वर चन्द्र त्रिपाठी की पुस्तक ‘कबीर हूं कबीर रहने दे’ का लोकार्पण गरुण होटल में हुआ। लोकार्पण महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने किया।
इस अवसर पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय विचार गोष्ठी एवं कवि सम्मेलन में साहित्य भूषण राजाराम सिंह की अध्यक्षता और अनेक विद्वानों-कवियों ने भाग लिया। कवि भूषण त्यागी, बादशाह प्रेमी, नम्रता रागिनी, गीता त्रिपाठी, हेमंत त्रिपाठी आदि ने अपनी रचनाओं से दर्शकों को प्रभावित किया।
मुख्य वक्ता प्रो. जगदंबा प्रसाद दुबे ने पुस्तक की समीक्षा करते हुए कहा कि यह रचना समाज की आत्मा पर दस्तक देती है। विशिष्ट अतिथि महाकवि राजेंद्र राहगीर सहित कई गणमान्य अतिथियों में डॉ. कृष्ण मोहन त्रिपाठी, प्रवीण कुमार सिंह, सूरज प्रकाश श्रीवास्तव, संतोष सिंह आदि ने बधाई देते हुए अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संयोजन अरविंद श्रीवास्तव ‘चित्रांश’ ने किया तथा सहयोग में डॉ. अवनीश अस्थाना, डॉ. सुभाष सिंह, अंकित पांडेय आदि रहे।
