रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस के निर्देशानुसार चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के क्रम में गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ हेमराज मीना की अध्यक्षता में पुलिस लाइन स्थित सभागार में एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में जनपद के सभी बैंकों के शाखा प्रबंधक, कर्मचारी एवं लीड बैंक मैनेजर (एलडीएम) सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन तथा अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम विवेक त्रिपाठी सहित कुल लगभग 70 अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। गोष्ठी के दौरान साइबर सेल एवं साइबर थाने की टीम द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बैंक प्रतिनिधियों को विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों जैसे फिशिंग, व्हाट्सऐप/ओटीपी फ्रॉड, म्यूल खातों का उपयोग, संदिग्ध खातों की पहचान आदि के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने बैंक अधिकारियों से कहा कि ग्राहक सुरक्षा और सतर्कता के लिए समय-समय पर बैंक कर्मचारियों एवं ग्राहकों को जागरूक किया जाए। साथ ही म्यूल खातों व संदिग्ध लेन-देन की नियमित निगरानी करते हुए तुरंत पुलिस को सूचित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बैंकों से अपेक्षा की कि साइबर अपराध रोकथाम में पुलिस का सहयोग करते हुए बैंक सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता दें।
