आज़मगढ़। जिले के वरिष्ठ पत्रकार और पत्रकारिता जगत के भीष्म पितामह कहे जाने वाले बनवारी लाल जालान का सोमवार अपराह्न दो बजे लखनऊ स्थित बड़े पुत्र सतीश जालान के आवास पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे।

परिजनों ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर आजमगढ़ के हरबंशपुर स्थित पैतृक आवास लाया जाएगा। मंगलवार सुबह राजघाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बनवारी लाल जालान ने वर्ष 1968 में पत्रकारिता की शुरुआत की थी। लंबे समय तक वे ‘आज’ समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ रहे। वर्ष 1998 में इस्तीफा देने के बाद वे हिंदुस्तान टाइम्स के जिला प्रभारी बने। वर्ष 2007 में उन्होंने सक्रिय पत्रकारिता से पूरी तरह संन्यास ले लिया। इसके बाद चौक स्थित अपनी दुकान पर कई वर्षों तक बैठते रहे।

पत्रकारिता में आने से पहले वे कांग्रेस पार्टी के जिला युवा अध्यक्ष भी रहे। उनका जन्म आजमगढ़ के जीयनपुर में हुआ था। पिता का नाम मदन लाल जालान था। वे तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उन्होंने LLB और LLM तक की पढ़ाई की थी।

वरिष्ठ पत्रकार के निधन की खबर मिलते ही आजमगढ़ के पत्रकार संगठनों और सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रेस क्लब, जर्नलिस्ट एसोसिएशन समेत अन्य संगठनों ने संवेदना प्रकट की। उनके परिवार में पत्नी संतोष जालान, दो पुत्र सतीश और विशाल तथा एक पुत्री हैं।