आज़मगढ़। श्रीराम जानकी मंदिर (अष्ठी) पुष्पनगर में सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। चौथे दिन वृंदावन से आए कथावाचक गणेश महाराज ने कहा कि मनुष्य अपना जीवन सांसारिक भोग में नहीं बल्कि कृष्ण भक्ति में बिताएं। यह जीवन विषय वस्तु को भोगने के लिए नहीं मिला है, लेकिन आज मनुष्य भगवान की भक्ति को छोड़ विषय वस्तु को भोगने में लगा हुआ है। मानव जीवन का उद्देश्य कृष्ण प्राप्ति शाश्वत है। कहा कि अगर हम यह दृढ़ निश्चय कर लें कि हमें जीवन में कृष्ण को पाना ही है तो हमारे लिए प्रभु से बढ़ कर कोई और सुख, संपत्ति नहीं है। भागवत कथा के समय स्वयं श्रीकृष्ण आपसे मिलने आते हैं, जो भी इस भागवत के तट पर आकर विराजमान हो जाता है, भागवत उसका सदैव कल्याण करती है। इस दौरान श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।

आयोजकों ने बताया कि 6 अप्रैल को कथा का समापन के साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। जिसमे क्षेत्र के सभी लोग अवश्य पहुचे।