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रिपोर्ट: अरुण यादव
आज़मगढ़। जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के चक सेठवल गांव में हुई मणिलाल की हत्या के मामले का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा किया। इस मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी, उसके बेटे, बहू और साले को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि पुश्तैनी जमीन को बचाने के लिए इन लोगों द्वारा यह हत्या की गई थी। अपर पुलिस अधीक्षक नगर शैलेंद्र लाल ने बताया कि 26 नवम्बर को रानी की सराय थाना में चंद्रकला देवी पत्नी मणिलाल यादव निवासी चकसेठवल ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके पति नशे के आदि थे और पुश्तैनी जमीन को बेंचते थे। इससे परिवार व जमीन खरीदारों से रंजिश चल रही थी। इसी बात को लेकर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके पति की हत्या कर दी गई।

पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस की विवेचना में सुभाष यादव पुत्र लालचन्द यादव निवासी काजीभीटी, रवि यादव पुत्र स्व. मणिलाल यादव निवासी चक सेठवल, चन्दना यादव पत्नी रवि यादव निवासी चक सेठ सेठवल, चन्द्रकला देवी पत्नी स्व. मणिलाल यादव निवासी चक सेठवल का नाम प्रकाश में आया। शुक्रवार की दोपहर थानाध्यक्ष रानी की सराय सुनील कुमार सिंह द्वारा चारो अभियुक्तों को चकसेठवल से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि मृतक मणिलाल अपनी पैतृक सम्पत्ति को बेंचकर शराब पीता और पिलाता था। वह जमीन बिक्री का सारा पैसा अपने ऊपर खर्च करता था।
इसे लेकर अक्सर उसका हम लोगों में विवाद होता था। शेष जमीन को बचाने की नियत से मृतक की पत्नी चंद्रकला शेष जमीन को अपने नाम से बैनामा कराना चाहती थी। जिसका मृतक मणिलाल द्वारा विरोध किया गया तथा रजिस्ट्री करने के लिए सहमत न होने पर 25 नवंबर को मृतक की पत्नी चंद्रकला, बेटा रवि यादव, बहू चंदना यादव तथा साला सुभाष यादव के द्वारा उसकी हत्या करने का निर्णय लिया गया। 25 नवम्बर की रात लगभग 2.30 बजे अपने नए घर से जहां पर मृतक सोता था, वह लोग वहां पहुंचे। साले सुभाष के द्वारा पहले ऊपर चढ़ कर उसका मुंह दबाया गया। बहू चंदना व पत्नी चंद्रकला द्वारा एक-एक पैर को पकड़ा गया। पुत्र रवि ने उसके दोनों पैरों को पकड़ा। मणिलाल के बेहोश हो जाने पर साले द्वारा घर में प्रयुक्त होने वाले चाकू से उसकी गर्दन को काट दिया गया।
