आजमगढ़। थाना एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने जनपद में बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ सघन अभियान चलाया। अभियान के दौरान सात बाल श्रमिकों को मुक्त कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया।
शुक्रवार को निदेशक, मुख्यालय महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, लखनऊ के निर्देशन में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के कुशल नेतृत्व तथा नोडल अधिकारी थाना AHTU / अपर पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में यह अभियान कंधरापुर एवं बिलरियागंज क्षेत्र में संचालित किया गया।
अभियान के दौरान मिठाई की दुकानों, ढाबों, रेस्टोरेंट, ऑटोमोबाइल की दुकानों एवं गैराजों पर निरीक्षण किया गया, जिसमें 07 बाल श्रमिक कार्यरत पाए गए। मौके पर ही उनके परिजनों को बुलाकर चेतावनी दी गई और बच्चों को मुक्त कर दिया गया। वहीं, संबंधित प्रतिष्ठानों के मालिकों के खिलाफ श्रम विभाग द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किया गया।
संयुक्त टीम ने दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों को बाल श्रम न कराने की हिदायत दी और सार्वजनिक स्थानों, दुकानों व ढाबों पर बाल श्रम निषेध के पोस्टर चस्पा किए। साथ ही आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076 और 181 के माध्यम से लोगों को सहायता हेतु जागरूक किया गया।
इस दौरान विशाल श्रीवास्तव, रोहित प्रताप – श्रम प्रवर्तन अधिकारी, आजमगढ़
अभयराज मिश्रा –थाना प्रभारी, AHTU
बेचू प्रसाद यादव, रोहित कुमार मिश्र, चमन खातून, मन्दाकिनी यादव थाना AHTU
अनिल कुमार – जन विकास संस्थान, आजमगढ़ मौजूद रहे।
