रिपोर्ट:अरुण/रामशकल यादव

आजमगढ़। जनपद पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्धारित समय से दो घंटे देर से कलेक्ट्रेट सभागार में एसआईआर (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण) की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीएम को जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि एसआईआर के दौरान मृतक, डुप्लिकेट और गलत प्रविष्टियाँ पूरी तरह हटाई जाएं और एक भी मतदाता सूची से छूटने न पाए।

गुरुवार  को निर्धारित समय से करीब दो घंटे देर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर लगभग 12 बजे पुलिस लाइन पहुंचे। इसके बाद 12:08 बजे वह कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे, जहां कमिश्नर विवेक, डीआईजी सुनील कुमार सिंह, डीएम रविन्द्र कुमार और एसपी डॉ. अनिल कुमार उपस्थित रहे।

पदाधिकारियों के साथ बैठक में एसआईआर की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। सीएम ने कहा कि बूथ स्तर पर मतदाता सूची पूरी तरह सही और अद्यतन होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि मृतक मतदाताओं के नाम हटाए जाएं, डुप्लिकेट प्रविष्टियों को चिन्हित कर समाप्त किया जाए और किसी भी मतदाता का नाम गलत तरीके से दर्ज न होने पाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जो मतदाता बाहर रहते हैं, उनसे संपर्क कर उनका एसआईआर भरवाया जाए, ताकि एक भी वास्तविक वोटर सूची से बाहर न रहे।

बैठक के बाद बाहर मीडिया से बात करते हुए सुभासपा के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने बताया कि बैठक का मुख्य विषय एसआईआर रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों का विस्तृत डेटाबेस सौंपते हुए मृतक और लापता मतदाताओं की संदिग्ध संख्या पर चिंता जताई है। सीएम ने संगठन के कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर जाकर वन-टू-वन संपर्क करने तथा जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें शामिल कराने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस निर्वाचन आयोग ने उन्हें मुख्यमंत्री और सांसद बनाया, उसी पर सवाल उठाना जनमानस को गुमराह करने जैसा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अखिलेश यादव के मामले में कंफ्यूजन ही कंफ्यूजन है, सॉल्यूशन का पता नहीं जैसी स्थिति है। डॉ. राजभर ने दावा किया कि सुभासपा भाजपा के साथ केवल 2027 तक नहीं, बल्कि 2047 तक रहेगी।

वहीं, बैठक से बाहर निकलते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि वर्तमान बिल राहत योजना से चार लाख से अधिक उपभोक्ता लाभान्वित हो चुके हैं। पुराने बकाए पर 100 प्रतिशत ब्याज माफी से ग्रामीणों को भारी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों में जहां भी वास्तविक समस्या मिलती है, वहां चेक मीटर लगाकर समाधान कराया जा रहा है।