रिपोर्ट: अरुण यादव
आज़मगढ़ जिले के लालगंज नगर पंचायत स्थित एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान प्रसूता की मौत से ग्रामीणों और आक्रोशित हो गए। घटना के बाद गुरुवार को बड़ी संख्या में लोग वाराणसी-आज़मगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे, जिससे यातायात घंटों बाधित रहा।
मिली जानकारी के अनुसार देवगांव कोतवाली क्षेत्र के चिरकीहिट गांव निवासी चंद्रबली सरोज की बहू, 25 वर्षीय सोनी सरोज को आशा कार्यकर्ता की मदद से जांच हेतु निजी अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना अनुमति ऑपरेशन कर दिया। इसके बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हड़बड़ी में उसे वाराणसी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां बुधवार देर रात उसकी मौत हो गई।गुरुवार सुबह मौत की खबर गांव पहुंचते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजन और ग्रामीण शव को लेकर सड़क पर उतर आए और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में फर्जी डॉक्टरी और लापरवाही आम बात है। यही नहीं, यह अस्पताल पहले भी कई बार सील हो चुका है, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से लगातार संचालित हो रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और समझा-बुझाकर जाम समाप्त कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की ढाई वर्ष की एक बच्ची है, जबकि ऑपरेशन के दौरान एक नवजात बेटी का जन्म हुआ। ग्रामीणों की मांग है कि अस्पताल के दोषी संचालक और तथाकथित डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुट गया है।
