आजमगढ़। मण्डलायुक्त विवेक तथा डीआईजी सुनील कुमार सिंह ने शनिवार को तहसील सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 12 अधिकारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर मण्डलायुक्त ने सख्त नाराजगी जताते हुए ‘नो वर्क, नो पे’ के सिद्धान्त पर वेतन अवरुद्ध करने और अनुपस्थिति को ‘सेवा में व्यवधान’ मानने की कार्रवाई के निर्देश दिए।
अनुपस्थित अधिकारियों में लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग के सहायक अभियन्ता, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र और रानी की सराय, बीडीओ पल्हनी, बीडीओ रानी की सराय, बीडीओ सठियांव, सहायक विकास अधिकारी कृषि, चकबन्दी अधिकारी जहानागंज, सठियांव और सगड़ी शामिल हैं। सभी अधिकारियों से इस आशय का स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
मण्डलायुक्त एवं डीआईजी ने आमजन से मुलाकात कर समस्याएं सुनीं और समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। ग्राम परसूपुर निवासी ने नवीन परती भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत की, जिस पर मंडलायुक्त ने उपजिलाधिकारी, सदर को लेखपाल की भूमिका की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा।
कस्बा मुबारकपुर निवासी मुहम्मद सालिम ने बताया कि बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र हेतु फरवरी में आवेदन करने के बाद भी नगर पालिका से रिपोर्ट नहीं आई। इस पर मण्डलायुक्त ने दोषी कार्मिकों की पहचान कर तीन दिन में आख्या देने को कहा।
ग्राम दूधनारा निवासी अशोक ने शिकायत की कि आदेश के बावजूद राजस्व निरीक्षक व लेखपाल पत्थर नसब नहीं कर रहे। मई माह से लंबित मामले पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई और तत्काल निस्तारण का निर्देश दिया।
इस दौरान 53 प्रार्थनाएं (राजस्व 47, पुलिस 4, विकास 1) प्राप्त हुईं, जिनमें से 6 का मौके पर निस्तारण किया गया। डीआईजी ने त्योहारों व परीक्षाओं के मद्देनज़र शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
