आजमगढ़।   कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को सांसद धर्मेन्द्र यादव  की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सह अध्यक्ष मा. सांसद दरोगा प्रसाद सरोज (लालगंज) सहित जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वास्थ्य, विद्युत, रेलवे, पेयजल, बाढ़ प्रबंधन सहित कई विकास योजनाओं की समीक्षा की गई और कड़े निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान
सांसद ने निर्देश दिया कि सड़क निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण हों। जल जमाव न हो और सड़कें 5 वर्ष से पहले न टूटें। जिन कार्यों के टेंडर हो चुके हैं, उन्हें तत्काल प्रारंभ किया जाए। समय पर कार्य न करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाए। जर्जर सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता पर हो।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सांसद धर्मेन्द्र यादव ने निर्देश दिए कि सभी सीएचसी/पीएचसी और 100 शैय्या अस्पतालों में एंटी वेनम व रेबीज इंजेक्शन की 100% उपलब्धता हो। चिकित्सकों की तैनाती स्वीकृत पदों के अनुसार सुनिश्चित की जाए। मंडलीय अस्पताल में सिटी स्कैन मशीन को तुरंत ठीक किया जाए। आयुष्मान योजना के गोल्डन कार्ड धारकों को मुफ्त इलाज मिलना सुनिश्चित हो। विद्युत विभाग को सांसद धर्मेन्द्र यादव निर्देशित की    जले ट्रांसफार्मरों को समय से बदलने, ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि और गलत बिलिंग के निस्तारण के निर्देश दिए। रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। जहां 10 केवीए ट्रांसफार्मर हैं, वहां मांग अनुसार क्षमता बढ़ाई जाए। 11000 केवीए के आबादी से ऊपर गुजरने वाले तारों को हटाने की कार्यवाही हो।

इसी क्रम में सांसद ने आजमगढ़-दिल्ली कैफियात एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नं. 1 से संचालित करने की योजना बनाने और प्रस्तावित दो नई ट्रेनों का दैनिक संचालन सुनिश्चित करने को कहा। यात्रियों की सुविधा हेतु लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। पाइपलाइन कार्य के बाद रोड रेस्टोरेशन गुणवत्तापूर्ण किया जाए। दुर्वासा ऋषि व दत्तात्रेय आश्रम मार्ग, महाराजगंज–बिलरियागंज रोड, नरौली–भंवरनाथ रोड सहित अन्य सड़कों के निर्माण/चौड़ीकरण पर तेजी लाने के निर्देश दिए।
तहसील सगड़ी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय से बाढ़ चौकियों की स्थापना हो। वहां पेयजल, टॉयलेट, खाद्य सामग्री, स्वास्थ्य शिविर आदि की व्यवस्था हो। नहरों के टेल तक पानी पहुंचाया जाए ताकि किसान धान की सिंचाई कर सकें। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में 50% तक कमी के लक्ष्य के साथ स्कूलों में जागरूकता अभियान, ब्लैक स्पॉट्स पर साइनेज व स्पीड ब्रेकर लगाने, नशा न करने, हेलमेट पहनने और लाइसेंस के बिना वाहन न चलाने पर ज़ोर दिया गया। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना, फसल बीमा, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा, उज्ज्वला योजना, डिजिटल भारत, खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, पीएम आवास योजना आदि की समीक्षा कर दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य विकास अधिकारी  परीक्षित खटाना ने सभी सुझावों के अनुपालन का आश्वासन दिया और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों को सही सूचना दें और उनकी भागीदारी से कार्ययोजनाएं बनाएं।