आज़मगढ़। नए साल के जश्न का आज़मगढ़ वालों पर जबरदस्त खुमार चढ़ा रहा। 31 दिसंबर 2025 की रात से लेकर 1 जनवरी 2026 तक जश्न पूरे शबाब पर दिखा। इन दो दिनों में शहर और जिले के लोगों ने करीब 7.75 करोड़ रुपये की शराब पी डाली। आबकारी विभाग के अनुसार इस दौरान अस्थायी परमिट भी जारी किए गए। साल 2025 को विदा कर आज़मगढ़ के ‘सुरूर’ प्रेमियों ने जाम छलकाते हुए 2026 का स्वागत किया।
मिली जानकारी के अनुसार, नव वर्ष के मौके पर आज़मगढ़ जनपद में शराब की बिक्री से आबकारी विभाग मालामाल हो गया। 31 दिसंबर की शाम से ही शहर के मॉडल शॉप, शराब ठेकों और होटलों में देर रात तक लोग मस्ती करते नजर आए। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी जाम के साथ डीजे की धुन पर देर रात तक जश्न चलता रहा। हर साल की तरह सबसे अधिक बिक्री देसी शराब की रही, जबकि दूसरे नंबर पर अंग्रेजी शराब रही। सामान्य दिनों की तुलना में नव वर्ष के मौके पर शराब की बिक्री में लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बताते चलें कि जिले में कुल 165 कंपोजिट दुकानें, 303 देसी शराब की दुकानें और 2 मॉडल शॉप संचालित हैं। नव वर्ष के अवसर पर आबकारी विभाग की ओर से 4 अस्थायी परमिट भी जारी किए गए थे, जिन्हें शहर के होटलों ने वन डे परिमिट के तहत लिया था।
आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर को करीब 4.5 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई, जबकि 1 जनवरी को 3.25 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई। इस तरह दो दिनों में कुल 7.75 करोड़ रुपये की शराब जनपद में खपत हुई।
सबसे अधिक लोगों ने देसी शराब गटकी, जबकि अंग्रेजी शराब की बिक्री भी अच्छी रही। ठंड के मौसम के बावजूद युवाओं में बीयर का क्रेज कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में बीयर की खपत भी हुई।
यदि पिछले वर्ष के आंकड़ों से तुलना की जाए तो शराब की कुल खपत में कोई खास बढ़ोतरी देखने को नहीं मिली है। यह स्थिति तब है, जब जिले में बड़ी संख्या में कंपोजिट दुकानें खुल चुकी हैं, इसके बावजूद नए वर्ष पर शराब की खपत में अपेक्षित वृद्धि दर्ज नहीं हुई।
