
रिपोर्ट: आशीष निषाद
अतरौलिया, आज़मगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी शताब्दी विजयादशमी का भव्य उत्सव वृहस्पतिवार को पटेल मेमोरियल इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित किया। सायं 3 बजे से शुरू हुए कार्यक्रम में शस्त्र पूजन के पश्चात योगाभ्यास, विविध प्रात्यक्षिक, मार्शल कला का प्रदर्शन, घोष-प्रदक्षिणा और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और विभाग संपर्क प्रमुख सतीश जी ने लोगो को संबोधित करते हुए कहा, “आज का यह आयोजन संस्कार, अनुशासन और सेवा की भावना का प्रतीक है। हम सबका उद्देश्य देश-समाज की भलाई के लिए स्वयं को तैयार करना और युवा पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति और अनुशासन का संदेश पहुँचाना है।” सतीश जी के उद्बोधन में सामाजिक समरसता, कोविड के बाद सामुदायिक कामों में सक्रियता और युवाओं को राष्ट्र हित में योगदान देने के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने उपस्थित लोगों से स्थानीय सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम का संचालन संघ के राणा लाखन सिंह के निर्देशन में सुव्यवस्थित तरीके से हुआ। मुख्य आकर्षण शस्त्र पूजन के बाद आयोजित योग और मार्शल आर्ट के प्रात्यक्षिक रहे, जिनमें मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और अनुशासन प्रदर्शित किया गया। घोष-प्रदक्षिणा के दौरान उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। इस अवसर पर खंड प्रचारक नगर कुबेर, सुनील पांडे, नीरज तिवारी, जितेंद्र सिंह (गुड्डू), देवनारायण, धर्मेंद्र निषाद, संतराम, सुभाष निषाद, श्याम बिहारी चौबे, विक्रम बहादुर सिंह, रमेश सिंह (रामू), संतोष यादव, प्रदीप जी, बसंत जी, सियाराम जी, खंड प्रचार प्रमुख सत्यम जी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

विशेष रूप से राणा लाखन सिंह ने कार्यक्रम के अंत में उपस्थितों से देश और समाज के प्रति कर्तव्य निभाने की शपथ दिलवाई, जिसे सभी ने जोश और गंभीरता के साथ लिया।
स्थानीय जन प्रतिनिधियों और मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ-साथ नगर के युवाओं ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी दिखाई। राणा लाखन सिंह ने बताया कि इस तरह के सामूहिक कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज में अनुशासन, स्वदेशी भावना और सशक्त नागरिक चेतना का विकास करना है।

