रिपोर्ट: अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया बाजार और आसपास के ग्रामीण इलाकों में एक संदिग्ध जंगली जानवर के देखे जाने की खबर से बीते कुछ दिनों से दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों द्वारा तेंदुए की मौजूदगी की आशंका जताए जाने के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच-पड़ताल की, हालांकि प्राथमिक जांच में तेंदुए की मौजूदगी से इनकार किया गया है।
अतरौलिया क्षेत्र में जंगली जानवर की चर्चा फैलते ही वन विभाग हरकत में आ गया। सूचना मिलते ही रेंजर वीर बहादुर सिंह और वन दरोगा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और उन खेतों, रास्तों व इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया गया, जहां जानवर के देखे जाने की बात कही जा रही थी। टीम ने मेड़ों, कच्चे रास्तों और गीली मिट्टी के किनारे पंजों के निशान तलाशे, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद तेंदुए से जुड़े कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले।
स्थिति को स्पष्ट करने के लिए वन विभाग ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली। फुटेज के विश्लेषण के बाद रेंजर वीर बहादुर सिंह ने बताया कि कैमरे में दिखाई दे रहा जानवर कद में छोटा है और उसकी पूंछ सामान्य से अधिक लंबी है। उसकी शारीरिक बनावट तेंदुए से मेल नहीं खाती। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जानवर ‘बिग कैट’ प्रजाति का मांसाहारी जीव हो सकता है, लेकिन यह तेंदुआ नहीं है।
वन विभाग ने तेंदुए की खबर को सिरे से खारिज करते हुए स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। साथ ही कहा गया है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से विभाग के कर्मचारी रात में लगातार क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। यदि दोबारा कोई संदिग्ध जानवर दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई।
