
रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के जहानागंज क्षेत्र स्थित अटल आवासीय विद्यालय गंभीरवन में नाबालिग छात्राओं के साथ कथित अश्लील व्यवहार, अनुचित स्पर्श, धमकी और उत्पीड़न के आरोपों को लेकर बृहस्पतिवार को जमकर हंगामा हुआ। पूर्व में की गई शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज अभिभावक भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के साथ विद्यालय पहुंचे और प्रधानाचार्य का घेराव कर दिया। सूचना मिलते ही जहानागंज पुलिस और श्रम विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया।
पुलिस ने विद्यालय में छात्राओं से बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए। वहीं, उपश्रमायुक्त ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में सहायक उपश्रमायुक्त पवन कुमार और श्रम प्रवर्तन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव को शामिल किया गया है।
13 अगस्त को डीएम को दिया था ज्ञापन
बताया गया कि 13 अगस्त को अभिभावकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर विद्यालय के उप प्रधानाचार्य ओमप्रकाश सिंह यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में नाबालिग छात्राओं के साथ कथित लैंगिक अश्लील व्यवहार, अनुचित स्पर्श, धमकी और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया गया था।
अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि छात्राओं को अश्लील वीडियो दिखाए गए और उन्हें वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि मामले से संबंधित सीसीटीवी कैमरों की मूल रिकॉर्डिंग और क्लाउड बैकअप से कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। अभिभावकों का दावा था कि इन घटनाओं से छात्राएं भयभीत हैं।
पीटी शिक्षिका पर भी लगाए आरोप
अभिभावकों ने पीटी अध्यापिका शशिकला पर भी छात्राओं के साथ भेदभाव और अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया। शिकायत में कहा गया कि छात्राओं के माता-पिता को लेकर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थीं।
अभिभावकों का कहना था कि शिकायत के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे बृहस्पतिवार को भीम आर्मी के साथ विद्यालय पहुंच गए और प्रधानाचार्य का घेराव किया। इससे विद्यालय परिसर में काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
पुलिस ने दर्ज किए छात्राओं के बयान
हंगामे की सूचना पर जहानागंज थाने के प्रभारी अतुल कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अभिभावकों को समझाकर शांत कराया और छात्राओं के बयान दर्ज किए।
थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस ने छात्राओं के बयान लिए हैं। उनके अनुसार, छात्राओं के बयान शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों से मेल नहीं खाते हैं और छात्राओं को शिकायत में लगाए गए आरोपों के बारे में जानकारी नहीं होने की बात सामने आई है। उन्होंने मामले में राजनीतिक कोण होने की भी आशंका जताई।
उपश्रमायुक्त ने गठित की दो सदस्यीय जांच टीम
उपश्रमायुक्त राजीव कुमार सिंह ने बताया कि हंगामे की सूचना मिलते ही वह भी मौके पर पहुंचे और अभिभावकों को समझाकर शांत कराया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों से यह भी कहा गया कि यदि वे चाहें तो अपनी बच्ची को विद्यालय से ले जा सकते हैं।
उपश्रमायुक्त ने प्रधानाचार्य को विद्यालय स्तर पर इंटरनल कमेटी गठित कर मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही श्रम विभाग की ओर से सहायक उपश्रमायुक्त पवन कुमार और श्रम प्रवर्तन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव की दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
