
रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तरवां थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट से संबंधित 25-25 हजार रुपये के दो इनामी वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमित यादव (23) निवासी झरिहंगपुर, थाना कोईरौना, भदोही और प्रदुम्मन यादव (26) निवासी मन्नीपुर, थाना कोईरौना, भदोही के रूप में हुई है। दोनों पर वाराणसी के मिर्जामुराद थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित होने के चलते इनाम घोषित किया गया था। पुलिस के मुताबिक दोनों अभियुक्त जामवन्त यादव उर्फ जमुना गैंग के सदस्य हैं और इस गैंग का आपराधिक नेटवर्क आजमगढ़ के साथ-साथ वाराणसी और भदोही तक फैला हुआ है। गैंग के प्रमुख सदस्य जामवन्त यादव उर्फ जमुना के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, अवैध असलहे और एनडीपीएस एक्ट समेत कुल 32 मुकदमे दर्ज हैं।
मिट्टी उठाने के विवाद से सामने आया था गैंग का नाम
पुलिस के अनुसार तरवां थाना क्षेत्र में मिट्टी उठाने के विवाद को लेकर 1 जनवरी 2021 को जामवन्त यादव उर्फ जमुना यादव और हीरालाल यादव वादी के घर पहुंचे थे। आरोप है कि दोनों ने गाली-गलौज करते हुए अवैध असलहे से जान से मारने की नीयत से फायर किया था। मामले में थाना तरवां में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान जामवन्त यादव की पीसीआर के दौरान उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा बरामद होने की बात पुलिस ने बताई है।
वाराणसी के मुकदमे में सुमित और प्रदुम्मन के नाम आए सामने
पुलिस के अनुसार 28 अप्रैल 2025 को थाना मिर्जामुराद, वाराणसी में अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना के दौरान जामवन्त यादव उर्फ जमुना, सुमित यादव और प्रदुम्मन यादव के नाम सामने आए। इसके बाद मुकदमे में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी की गई और विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। आरोपियों के आपराधिक कृत्यों और पूर्व आपराधिक इतिहास को देखते हुए उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 के तहत कार्रवाई के लिए गैंगचार्ट तैयार किया गया। पुलिस के मुताबिक गैंग के चार सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
6 सितंबर को घोषित हुआ था 25-25 हजार का इनाम
वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। गिरफ्तारी न होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार ने 6 सितंबर 2026 को सुमित यादव और प्रदुम्मन यादव की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था।
तरवां-मेहनाजपुर सीमा से दोनों गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार 12 सितंबर 2026 को थानाध्यक्ष तरवां राजीव सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान थाना तरवां और मेहनाजपुर की सीमा पर पुलिया के पास, ग्राम नूरपुर/भंवरपुर क्षेत्र से दोनों इनामी अभियुक्तों को करीब 9:35 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास
सुमित यादव के खिलाफ मिर्जामुराद वाराणसी में बीएनएस की धाराओं में दर्ज मुकदमे के अलावा औराई भदोही में हत्या, हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र, धमकी, आर्म्स एक्ट तथा गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। वहीं प्रदुम्मन यादव के खिलाफ मिर्जामुराद वाराणसी में दर्ज मुकदमे के अलावा आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज है।
पुलिस के मुताबिक गैंग के प्रमुख सदस्य जामवन्त यादव उर्फ जमुना के खिलाफ आजमगढ़, गाजीपुर और वाराणसी के विभिन्न थानों में लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, अवैध असलहा और एनडीपीएस एक्ट समेत 32 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं हीरालाल यादव के खिलाफ तरवां थाने में हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी और एससी/एसटी एक्ट सहित चार मुकदमे दर्ज हैं। उसे पूर्व में गैंगस्टर एक्ट से संबंधित कार्रवाई में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस की इस कार्रवाई से जामवन्त यादव उर्फ जमुना गैंग पर शिकंजा और कसता नजर आ रहा है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
