रिपोर्ट_____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में रविवार देर रात आभूषण ठगी करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह के एक सदस्य से पुलिस की मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त साहब राम के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस, ठगी के आभूषण, 1,350 रुपये नकद, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्त अपनी बहन नीरज उर्फ गुड्डी के साथ मिलकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं और आवास योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके आभूषण और नकदी ठगता था। अभियुक्त के विरुद्ध आजमगढ़ और गाजीपुर जनपद में पहले से नौ मुकदमे दर्ज हैं।

पासीपुर नहर पुलिया के पास हुई मुठभेड़

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 11/12 अक्टूबर की रात कप्तानगंज थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ पासीपुर नहर पुलिया के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि महिलाओं से आभूषण ठगी की घटनाओं में शामिल अभियुक्त साहब राम मोटरसाइकिल से गोपालगंज की तरफ से आने वाला है। वहीं सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो वह भागने लगा। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान अभियुक्त ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई।पुलिस ने रात करीब 1:30 बजे घायल अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोयलसा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल आजमगढ़ रेफर कर दिया गया।

कप्तानगंज और कौड़िया बाजार में महिलाओं से हुई थी ठगी

पुलिस के अनुसार, कप्तानगंज थाना क्षेत्र में एक अक्टूबर 2026 को कप्तानगंज बाजार और पांच अक्टूबर को कौड़िया बाजार में महिलाओं को सरकारी योजनाओं तथा आवास योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके आभूषण और नकदी ठगने की घटनाएं सामने आई थीं। वहीं इन मामलों में कप्तानगंज थाने पर मुकदमा संख्या 310/2026 और 311/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 351(3) और 317(2) में मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामले की जांच के दौरान सामने आई महिला अभियुक्ता नीरज उर्फ गुड्डी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब उसके भाई साहब राम की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह से जुड़ी अन्य गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

तमंचा, आभूषण और मोटरसाइकिल बरामद

पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से .315 बोर का एक अवैध देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इसके अलावा पीली धातु के एक जोड़ी कान के टॉप्स, मोती की माला सहित एक लॉकेट, 1,350 रुपये नकद, टेक्नो कंपनी का टचस्क्रीन मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल संख्या UP50 CK 9939 बरामद की गई है। मुठभेड़ और अवैध असलहे की बरामदगी के संबंध में कप्तानगंज थाने पर मुकदमा संख्या 312/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 352 और 351(3) तथा आयुध अधिनियम की धारा 3/25/27 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।

सात हजार रुपये में बेच दिए थे कुछ आभूषण

पुलिस से हुई पूछताछ में अभियुक्त साहब राम ने बताया कि वह अपनी बहन नीरज उर्फ गुड्डी के साथ मिलकर महिलाओं को सरकारी योजनाओं और आवास योजना का लाभ दिलाने का झांसा देता था। दोनों कभी बाजार में महिलाओं को अपने जाल में फंसाते थे तो कभी उनके घर पहुंचकर खुद को रिश्तेदार बताकर विश्वास हासिल करते थे। अभियुक्त के मुताबिक, कप्तानगंज और कौड़िया बाजार में हुई घटनाओं से मिले कुछ आभूषण उसने एक अज्ञात फेरी वाले को सात हजार रुपये में बेच दिए थे। पुलिस ने उसके पास से बरामद 1,350 रुपये को आभूषणों की बिक्री से प्राप्त रकम बताया है। बरामद लॉकेट और कान के टॉप्स को भी इन घटनाओं से संबंधित बताया गया है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ने यह भी बताया कि वह वारदात के दौरान अपने पास तमंचा रखता था और विरोध होने पर लोगों को धमकाकर भाग निकलता था। पुलिस अब बरामदगी और अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

आजमगढ़ और गाजीपुर में नौ मुकदमे दर्ज

गिरफ्तार अभियुक्त साहब राम पुत्र स्वर्गीय मुसाफिर, निवासी बेला कलेशपुर उर्फ किशुनपुर, थाना मेहनाजपुर, जनपद आजमगढ़, की उम्र करीब 43 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार, उसके विरुद्ध आजमगढ़ के देवगांव, कोतवाली, मेहनाजपुर और रानी की सराय थानों के साथ गाजीपुर के खानपुर थाने में कुल नौ पुराने मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, ठगी, आपराधिक धमकी, मारपीट और आबकारी अधिनियम से संबंधित मामले शामिल हैं।

मुठभेड़ में शामिल रही पुलिस टीम

कार्रवाई में थाना कप्तानगंज के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार, वरिष्ठ उपनिरीक्षक गंगाराम बिन्द, उपनिरीक्षक प्रिंस मिश्रा, ओम प्रकाश दुबे, हेड कांस्टेबल धर्मेन्द्र जायसवाल, कांस्टेबल सूरज यादव, रंजीत साहू, उमेश प्रजापति, बृजेश गौड़, अप्पू कुमार, लोकेश पाण्डेय, सद्दाम हुसैन, नीरज मिश्रा और महिला कांस्टेबल प्रिया पाण्डेय शामिल रहीं।