रिपोर्ट____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिले की 955.40 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आजमगढ़ ऋषि-मुनियों की तपोभूमि, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की कर्मभूमि और हस्तशिल्प, कृषि तथा संस्कृति की समृद्ध विरासत वाला जनपद है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की उपेक्षा के कारण इसकी पहचान प्रभावित हुई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले आजमगढ़ विकास के कई महत्वपूर्ण आयामों से वंचित था। न यहां विश्वविद्यालय था, न पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, न एयरपोर्ट की बेहतर सुविधा और न ही स्थानीय कला एवं शिल्प को उचित मंच मिल पा रहा था। आज डबल इंजन सरकार के प्रयासों से आजमगढ़ की साड़ी, मुबारकपुर की ब्लैक पॉटरी, हरिहरपुर की संगीत परंपरा और किसानों-कारीगरों को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा और एनडीए सरकार बनने के बाद स्थानीय उद्योगों और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिला है, जिससे कारीगरों और व्यापारियों की आय में वृद्धि हुई है। सरकार बिना भेदभाव के गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। हर गरीब को आवास, शौचालय, बिजली और सुरक्षा उपलब्ध कराने का अभियान चलाया गया है। मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को अपनी गौरवशाली विरासत और राष्ट्रनायकों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नया भारत गुलामी के प्रतीकों को स्वीकार नहीं करेगा और देश की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है।विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन दलों ने वर्षों तक प्रदेश पर शासन किया, वे विकास, रोजगार और सुरक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित कार्य नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं तथा भारत आज विश्व मंच पर नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने जनता से विकास की गति को बनाए रखने के लिए डबल इंजन सरकार का साथ देने की अपील करते हुए कहा कि आजमगढ़ को शिक्षा, उद्योग, पर्यटन, संस्कृति और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य लगातार जारी रहेगा।