आजमगढ़। जिले के  मेंहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम ईनवल निवासी श्रवण कुमार यादव पुत्र वंशराज यादव ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश के बाद अपनी व अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा को लेकर डीआईजी  से गुहार लगाई है।

पीड़ित ने बताया कि आराजी संख्या 494 से संबंधित विवादित भूमि के मामले में माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा रिट याचिका संख्या 13084 व 13085/1983 में दिनांक 23 जनवरी 2025 को आदेश उसके पक्ष में पारित हुआ है। अदालत से आदेश होने के बाद गांव के सुनील यादव पुत्र स्वर्गीय कुमार यादव सहित कई विपक्षीगण उग्र हो गए हैं और लगातार धमकी देकर विवाद खड़ा करने पर आमादा हैं।

पीड़ित श्रवण यादव का कहना है कि आदेश के दिन से ही विपक्षियों की ओर से जान से मारने तथा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। इस संबंध में उन्होंने 20 फरवरी 2025 को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ को अवगत कराया था, लेकिन स्थानीय थाना मेहनगर ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। हाल ही में 17 अगस्त 2025 को भी जमीन विवाद को लेकर विपक्षियों की ओर से पुनः विवाद व धमकियां दी गईं, जिस पर पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित का आरोप है कि थानाध्यक्ष मेहनगर बार-बार मामले को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं और यहां तक कह रहे हैं कि अगर हत्या हो जाएगी तो विपक्षियों को जेल भेज देंगे। इससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। श्रवण  ने कहा कि विपक्षीगण साजिश के तहत उन्हें नुकसान पहुंचाने और जमीन पर अवैध कब्जा करने की फिराक में हैं। ऐसे में स्थिति बेहद संवेदनशील है और समय रहते सुरक्षा नहीं दी गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।

उन्होंने उप पुलिस महानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र से गुहार लगाते हुए अनुरोध किया है कि संबंधित अधिकारियों एवं मेहनगर थाना पुलिस को निर्देशित कर विपक्षियों और उनसे जुड़े अराजक तत्वों पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाए, ताकि उनके परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और वे शांति से जीवनयापन कर सकें।