रिपोर्ट___अरुण यादव

आजमगढ़। जीएसटी-एसआईटी, थाना सिधारी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने फर्जी फर्मों के जरिए जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अनुचित लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की राजस्व हानि पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पंजाब के गोबिंदगढ़ से लुधियाना निवासी विकास कुमार और फतेहगढ़ साहिब निवासी बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को 29 अप्रैल को न्यायालय फतेहगढ़ साहिब से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आजमगढ़ लाया गया है, जहां उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं इस पूरे मामले पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि यह मामला सात जुलाई 2025 को दर्ज किया गया था, जिसमें फर्जी कूटरचित फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करने का आरोप सामने आया था। उन्होंने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात)/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम विवेक त्रिपाठी व सीओ सिटी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। संयुक्त टीम ने पंजाब के गोबिंदगढ़ से लुधियाना निवासी विकास कुमार और फतेहगढ़ साहिब बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को 29 अप्रैल को न्यायालय फतेहगढ़ साहिब से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आजमगढ़ लाया गया है, जहां उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने संगठित सिंडीकेट बनाकर पंकज इंटरप्राइजेज, भोलानाथ इंटरप्राइजेज, शिवम ट्रेडर्स और वीके इंटरप्राइजेज जैसी फर्जी फर्में तैयार की थीं। इन फर्मों के जरिए करीब 41.93 करोड़ रुपये की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर 7.54 करोड़ रुपये के टैक्स क्रेडिट का अनुचित लाभ लिया गया, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि विकास कुमार ने फर्जी फर्म खोलने के लिए अपने दस्तावेज उपलब्ध कराए, जबकि बलजीत सिंह ने कई सिम कार्ड मुहैया कराकर नेटवर्क संचालन में सहयोग किया। उसके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कई फर्जी कंपनियों के संचालन में किया जा रहा था। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर लिया है और गिरोह के अन्य भागे हुए सदस्यों की तलाश जारी है। इस कार्रवाई में थाना सिधारी पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।