आज़मगढ़। हरिहरपुर में आयोजित पाँच दिवसीय कजरी महोत्सव (26 से 30 अगस्त 2025) का समापन जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना की उपस्थिति में हुआ। समापन अवसर पर अधिकारियों ने कलाकारों को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी लोक परंपरा को जीवित रखते हैं और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का माध्यम बनते हैं।

समारोह में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि आज के दौर में पश्चिमी सभ्यता की ओर झुकाव बढ़ा है, जबकि हमारी पुरानी लोक परंपराएँ और शास्त्रीय गायन धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरिहरपुर में सारंगी वादन और कजरी गायन की जो परंपरा आज भी जीवित है, वह हमारी धरोहर है और इसे आगे बढ़ाना सभी का दायित्व है।

जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि हरिहरपुर में जल्द ही संगीत महाविद्यालय की शुरुआत होगी। इसके माध्यम से न केवल कजरी बल्कि अन्य लोककलाओं को भी नई दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष भी आजमगढ़ महोत्सव के आयोजन हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि जिले की परंपरागत कलाओं को राष्ट्रीय मंच मिल सके।
उन्होंने हरिहरपुर घराने के कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के कलाकार देश-विदेश में जाकर भारतीय संस्कृति और संगीत की महक बिखेर रहे हैं। जिला प्रशासन ऐसे आयोजनों में हर संभव सहयोग करता रहेगा, जिससे इन लोक कलाओं की परंपरा और मजबूत हो सके।
समापन अवसर पर कलाकारों ने अपनी-अपनी विधाओं का मनमोहक प्रदर्शन किया। सारंगी की धुन और कजरी गायन ने लोगों को पुराने समय की याद दिला दी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी गम्भीर सिंह, अजय मिश्रा, आदर्श मिश्र, मोहन मिश्र सहित अनेक अधिकारी और स्थानीय कलाकार मौजूद रहे।
