भोराजपुर खुर्द में पहली बार महिलाओं ने की छठ पूजा

रिपोर्ट: आशीष निषाद

अतरौलिया/आज़मगढ़। आस्था और श्रद्धा के महापर्व डाला छठ पर इस बार का दृश्य कुछ अलग रहा।  छठ के दिन हुई बारिश ने जहां व्यवस्थाओं को चुनौती दी, वहीं व्रती महिलाओं की आस्था बारिश में भी अडिग दिखी। मंगलवार तड़के से ही नगर के पूरब पोखरा, पश्चिमी पोखरा सहित अन्य घाटों पर व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

बारिश के बावजूद महिलाएं अपने परिजनों के साथ घाटों पर पहुंचीं और जल में खड़ी होकर भगवान भास्कर के उदय का इंतजार करती रहीं। कई श्रद्धालु दीवारों पर लगे बैनरों के नीचे बारिश से बचते हुए अर्घ्य की तैयारी करती दिखीं। सूर्य की पहली किरण पड़ते ही जयघोष गूंज उठा और भीगती महिलाओं ने उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार व संतान की मंगलकामना की। इसी के साथ कठिन निर्जल व्रत का समापन हुआ।

व्रती महिलाओं ने कहा, इस बार भगवान भास्कर ने परीक्षा ली, लेकिन आस्था के आगे बारिश भी हार गई। नगर पंचायत ने घाटों की साफ-सफाई, चूना व ब्लीचिंग का छिड़काव, झालरों से सजावट और प्रकाश व्यवस्था की थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों की तैनाती रही।

बारिश के बावजूद श्रद्धालु महिलाओं की अटूट श्रद्धा ने यह साबित कर दिया कि भक्ति के आगे मौसम की बाधाएं भी फीकी पड़ जाती हैं। अर्घ्य अर्पित करते ही लोक आस्था के चार दिवसीय छठ महापर्व का सकुशल समापन हुआ।

भोराजपुर खुर्द में पहली बार महिलाओं ने की छठ पूजा, नीरज तिवारी के प्रयास से हुआ पोखरे का सौंदर्यीकरण

भोराजपुर खुर्द गांव में इस वर्ष पहली बार पांच महिलाओं ने नवीन पोखरे पर छठ महापर्व की शुरुआत की। महिलाओं ने डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार और गांव की सुख-समृद्धि की कामना की।

भाजपा जिला मंत्री नीरज तिवारी के प्रयास से पोखरे की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और पानी की सुविधा सुनिश्चित की गई। पहले महिलाएं व्रत करने दूर के पोखरों पर जाती थीं।

व्रती महिलाओं रसिकला पांडेय, तारा तिवारी, सूर्यमती त्रिपाठी, राजेश्वरी देवी और रोली मिश्रा ने कहा कि यह सब नीरज तिवारी के प्रयास से संभव हुआ है। उन्होंने गांव में धार्मिक माहौल बनाने के लिए आभार जताया। मौके पर डॉ. संदीप पांडे, हरिराम तिवारी, खंड प्रचारक कुबेर जी, राजेंद्र कुमार, राजीव यादव, हौसिला कुमार, देवानंद यादव सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।