रिपोर्ट: एसपी त्रिपाठी

आज़मगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा० अनिल कुमार के कुशल निर्देशन में साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज़मगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। अपर पुलिस अधीक्षक यातायात/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम श्री विवेक त्रिपाठी के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर श्री शुभम तोदी के नेतृत्व में, थाना कोतवाली एवं साइबर सेल आज़मगढ़ की संयुक्त टीम ने साइबर ठगी के एक मामले में पीड़ित को ₹ पांच लाख की संपूर्ण धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई।

यह सफलता उस समय मिली जब दीपक मिश्रा, निवासी कोलबाजबहादुर, थाना कोतवाली, जनपद आज़मगढ़ द्वारा साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत संख्या 23110250161150 दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बहन एवं बहनोई के साथ एक फर्जी रियल एस्टेट कंपनी द्वारा सस्ते प्लॉट दिलाने के बहाने ऑनलाइन माध्यम से ₹5 लाख की ठगी की गई।

शिकायत प्राप्त होते ही जनपदीय साइबर सेल आज़मगढ़ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध बैंक खाते को होल्ड कराया, साथ ही थाना कोतवाली को आवश्यक विधिक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया। तकनीकी विश्लेषण, नोडल अधिकारियों से सतत संपर्क एवं बैंकिंग प्रक्रिया के माध्यम से पुलिस टीम ने अथक प्रयास कर पूरी धनराशि वापस दिला दी।

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रवि प्रकाश गौतम की टीम थाना कोतवाली तथा उपनिरीक्षक सागर कुमार रंगु की टीम साइबर सेल आज़मगढ़ का विशेष योगदान रहा। आज़मगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील  की है कि
साइबर अपराधों से बचाव के लिए सावधानी ही सुरक्षा है। किसी भी फर्जी ऑफर, निवेश, प्लॉट या नौकरी के झांसे में न आएँ। OTP, PIN, UPI पासवर्ड अथवा QR कोड किसी से साझा न करें। संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर क्लिक न करें। यदि कभी साइबर धोखाधड़ी हो जाए, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।