अतरौलिया, आज़मगढ़। अतरौलिया के  सरैया रत्नावे स्थित मदरसा अरबिया फैज़-ए-नईमी में बीती रात संस्थापक कारी मोहम्मद असगर के 22वें उर्स-ए-पाक का अकीदतमंदों की मौजूदगी में श्रद्धा व सम्मान के साथ आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना अब्दुल बारी नईमी, अध्यापक मदरसा फैज़-ए-नईमी ने की, जबकि संचालन मौलाना कमरे आलम आजमी और हाफिज नूरुल हसन जहांगीरगंज ने किया।

कार्यक्रम में आसीम रज़ा अजमतगढ़, फरहान रज़ा आजमी, अब्दुल रहमान, हामिद रज़ा असगर अंबेडकर नगर, मोहम्मद रज़ा और अब्दुल कलीम समेत अन्य नातख्वानों ने नाते पाक पेश कर समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति पर हाजरीन ने खूब वाहवाही दी।
मुख्य वक्ता मुफ्ती रिज़वान अहमद अजहरी किछौछवी ने हजरत मोहम्मद के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनकी शिक्षाओं को अपनाने की नसीहत दी। अध्यक्षता कर रहे मौलाना अब्दुल बारी नईमी ने मां-बाप के साथ अच्छा व्यवहार करने पर विशेष जोर दिया तथा समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और इंसानियत की मिसाल पेश करने की अपील की।


अंत में उर्स के कन्वीनर हाफिज अब्दुल बाकी मिस्बाही ने सभी आए हुए मेहमानों और हाजिरीन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मौलाना मोहम्मद अब्दुल रब, मौलाना शमीम अहमद, हाफिज मेराज, मोहम्मद अब्दुल हादी, मोहम्मद अब्दुल आली, मोहम्मद अब्दुल वाली, मौलाना दिलशाद, मास्टर नेसारा अहमद, मौलाना जिया-उल-मुस्तफा, अलाउल मुस्तफा, गुलाम सुबहानी, गुलाम यज़दानी, शमीम अहमद समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आखिर में मौलाना अब्दुल बारी की विशेष दुआ के साथ उर्स का समापन हुआ।