आजमगढ़। जिले  के पल्हना विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत महुवारी में विकास कार्यों और मनरेगा योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्राम प्रधान के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तेज कर दी गई है। जांच में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाए जाने पर प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत महुवारी निवासी शिकायतकर्ता अजय कुमार सिंह ने शपथ पत्र के माध्यम से ग्राम प्रधान दुखरन राम पर नियमों की अनदेखी, विकास कार्यों में धन हड़पने और पद के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने पर जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई।


जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि खंड विकास अधिकारी पल्हना/उपायुक्त (स्वतः रोजगार) द्वारा कराई गई जांच के आधार पर ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय में संतोषजनक अनुपालन न होने पर शिकायतकर्ता ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
इसके बाद पंचायती राज अधिनियम एवं जांच नियमावली के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत आख्या में मनरेगा योजना के अंतर्गत फर्जी जॉब कार्ड बनाए जाने, एक ही परिवार के एक से अधिक सदस्यों को रोजगार दिखाने, बाहर रहने वाले व्यक्तियों की मस्टर रोल में उपस्थिति दर्ज कर शासकीय धन के दुरुपयोग जैसे मामलों में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।


जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान दुखरन राम को तीन बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। साथ ही अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए डीपीआरओ द्वारा ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए हैं। मामले में आगे की विधिक व विभागीय कार्रवाई जारी