रिपोर्ट: अरुण यादव
आज़मगढ़। जिले के बरदह थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां कूटरचित दस्तावेजों के जरिए एक व्यक्ति को नाजायज रूप से निःसंतान घोषित कर उसकी जमीन हड़पने की साजिश रची गई। इस गंभीर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी बैनामे के आरोप में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है।
बीते सात दिसम्बर को थाना बरदह पर ग्राम सद्दोपट्टी निवासी रिंकू उर्फ रिंकी यादव पुत्री स्वर्गीय लक्षीराम यादव ने प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसके पिता की मृत्यु के बाद विपक्षीगणों ने कूटरचना और धोखाधड़ी कर उसके पिता को वसीयत के माध्यम से नाजायज रूप से निःसंतान घोषित करा दिया। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसके पिता की भूमि अपने नाम वसीयत करा ली गई।
पीड़िता द्वारा जब इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना बरदह पुलिस ने सुसंगत धाराओं के तहत पतिराम, सतिराम, वंशराजी, सुनील, दुर्गा और विशाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
इसी क्रम में मंगलवार को उपनिरीक्षक पुनीत कुमार श्रीवास्तव ने हमराहियों के साथ कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त सतिराम यादव पुत्र स्वर्गीय कुद्दन उर्फ रामनाथ को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
