आजमगढ़। जिले में घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कॉमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दिए जाने से होटल, रेस्तरां और बड़े खानपान प्रतिष्ठानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। वहीं गैस की कमी की अफवाह फैलने से उपभोक्ताओं में भी असमंजस की स्थिति बन गई है और कई गैस एजेंसियों पर सिलिंडर लेने के लिए भीड़ उमड़ रही है।
मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 12 लाख 60 हजार 932 गैस कनेक्शनधारी हैं। इनमें सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 9 लाख 59 हजार 560 और उज्ज्वला योजना के कनेक्शनधारियों की संख्या 2 लाख 97 हजार 757 है। इसके अलावा 3615 कॉमर्शियल गैस उपभोक्ता भी हैं। जिले में 83 गैस एजेंसियों के माध्यम से इन उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जाती है।
बताया जा रहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और बड़े खानपान प्रतिष्ठानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि उनके पास इस समय कॉमर्शियल सिलिंडरों का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है और होटल संचालक फिलहाल अपने स्टॉक में रखे सिलिंडरों के सहारे काम चला रहे हैं।
बुधवार को जिले की लगभग हर गैस एजेंसी पर सिलिंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ देखी गई। शहर से लेकर गांव तक उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि एजेंसी संचालकों का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं को मोबाइल के माध्यम से गैस बुक करनी होगी और जिनकी ई-केवाईसी नहीं हुई है उन्हें पहले ई-केवाईसी कराना जरूरी होगा।
मुनाफाखोर हुए सक्रिय
गैस संकट की आशंका के बीच मुनाफाखोर भी सक्रिय हो गए हैं। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि लगभग 1500 रुपये में मिलने वाला कॉमर्शियल सिलिंडर अब 1800 से 1900 रुपये तक में मिल रहा है। वहीं कुछ लोग घरेलू सिलिंडर ब्लैक में करीब 1100 रुपये तक में खरीदने को मजबूर हो रहे हैं।
माना जा रहा है कि यदि कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति लंबे समय तक बंद रहती है तो वैवाहिक और अन्य बड़े आयोजनों पर भी इसका असर पड़ सकता है। ऐसे आयोजनों में बड़ी संख्या में गैस सिलिंडरों की जरूरत होती है, जिससे कार्यक्रमों के संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं।
इस मामले में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि जिले में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए। सभी गैस एजेंसी संचालकों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई कालाबाजारी करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
