आजमगढ़। पुलिस भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने शनिवार को कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों ने सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और परीक्षा कक्षों की व्यवस्थाओं की जांच की तथा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को सतर्कता के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए।
मिली जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, निर्विघ्न व सकुशल सम्पन्न कराने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के साथ जनपद के प्रमुख परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज आजमगढ़ और डीएवी पीजी कॉलेज आजमगढ़ पहुंचकर परीक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और एसएसपी ने परीक्षा केंद्रों में बनाए गए सीसीटीवी कंट्रोल रूम का अवलोकन किया और परीक्षार्थियों के बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया की जानकारी संबंधित टीम से ली। डीएवी पीजी कॉलेज में जांच के दौरान 11 बायोमेट्रिक मशीनों में से तीन मशीनें खराब पाई गईं, जिसे लेकर अधिकारियों ने तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इसके साथ ही सभी कक्षाओं में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय पाया गया।
अधिकारियों ने परीक्षा कक्षों का भी निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा के दौरान सभी कक्षों में लगे सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रहने चाहिए और ड्यूटी में तैनात कर्मचारी लगातार निगरानी करते रहें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने ड्यूटी में लगाए गए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे पूरे मनोयोग के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए पुलिस भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर भ्रमणशील रहकर निगरानी बनाए रखें।
जिलाधिकारी ने कक्ष निरीक्षकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए इसे सकुशल सम्पन्न कराने में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गम्भीर सिंह, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा केंद्र व्यवस्थापक भी मौजूद रहे।
