
आजमगढ़। जिले में कई वर्षों बाद हुए चुनाव में दिखा जबरदस्त उत्साह, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन के मुद्दों पर मिला जनसमर्थन । अग्रवाल समाज के प्रतिष्ठित श्री अग्रवाल हितकारिणी न्यास ट्रस्ट के चुनाव ने इस बार खासा ध्यान आकर्षित किया। कई वर्षों बाद आयोजित हुए इस चुनाव को लेकर समाज के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रविवार सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि ट्रस्ट के नेतृत्व को लेकर समाज में गहरी दिलचस्पी है।
दिनभर शांतिपूर्ण मतदान के बाद देर रात शुरू हुई मतगणना में जैसे-जैसे रुझान सामने आते गए, माहौल रोमांचक होता गया। अंतिम परिणाम घोषित होते ही कई प्रमुख पदों पर नए चेहरों की जीत ने बदलाव का स्पष्ट संकेत दे दिया।
अध्यक्ष पद के चुनाव में अतुल कुमार अग्रवाल उर्फ ‘मुन्ना’ ने 420 मत हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने मौजूदा अध्यक्ष सुदर्शन प्रसाद अग्रवाल को 244 वोटों से हराया। इस जीत के साथ ट्रस्ट में नेतृत्व परिवर्तन तय हो गया और अब नई कार्यकारिणी से नई दिशा की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
इसी क्रम में अग्रवाल धर्मशाला एवं भंडार अध्यक्ष पद पर राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने 421 मत प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी ओम प्रकाश अग्रवाल को 241 वोट मिले।
उपाध्यक्ष पद पर आशीष अग्रवाल ने 380 वोट हासिल कर अंकित अग्रवाल को पीछे छोड़ा, जिन्हें 283 मत मिले।
प्रबंधक पद के लिए हुए मुकाबले में डेविड अग्रवाल ने 432 मतों के साथ निर्णायक जीत दर्ज की। उनके प्रतिद्वंद्वी निखिल अग्रवाल को 226 वोट मिले।
वहीं सहायक प्रबंधक पद पर अमरनाथ अग्रवाल ने 345 मत पाकर जीत हासिल की, जबकि गगन कुमार अग्रवाल को 312 वोट मिले।
इसके अलावा धर्मशाला एवं भंडार सदस्य पद पर गौरव मित्तल, रितेश गोयल, पंकज कुमार अग्रवाल, पियूष अग्रवाल और अमन गर्ग निर्वाचित हुए।
इस चुनाव की खास बात यह रही कि यह केवल पदों की लड़ाई नहीं थी, बल्कि ट्रस्ट की संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा देने जैसे मुद्दे भी केंद्र में रहे। शहर और बाहरी क्षेत्रों में फैली ट्रस्ट की संपत्तियों के संचालन को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं ने इस चुनाव को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। चुनाव के दौरान प्रत्याशियों ने घर-घर संपर्क, बैठकों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समर्थन जुटाने में पूरी ताकत झोंक दी। परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया गया। वहीं पराजित उम्मीदवारों ने भी लोकतांत्रिक परंपरा का सम्मान करते हुए विजेताओं को शुभकामनाएं दीं। अब सभी की निगाहें नई कार्यकारिणी पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह टीम ट्रस्ट के संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए समाजहित में नई योजनाएं लागू करेगी और संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
