
रिपोर्ट___अरुण यादव
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग ने मुबारकपुर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष डॉ. सबा शमीम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार अध्यक्ष पर लगे कुल 8 गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए गए हैं। इसके लिए शासन की ओर से उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है। आपको बताते चलें कि मुबारकपुर नगरपालिका अध्यक्ष पर तत्कालीन ईओ प्रतिभा सिंह और नगरपालिका के सभासदों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इन आरोपों की जिलाधिकारी ने जांच कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन ने नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. सबा शमीम के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगा दी थी। इस पालिकाध्यक्ष ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने शासन के आदेश को यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि पालिकाध्यक्ष का पक्ष जाने बिना ही यह फैसला किया गया है। हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर शासन चाहे तो पालिकाध्यक्ष के पक्ष को सुनते हुए पुन: नोटिस जारी कर सकता है। इस पर शासन ने पालिकाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया। पालिकाध्यक्ष ने नोटिस का जवाब दिया तो शासन डीएम के माध्यम से आरोपों की फिर से जांच कराई। जांच में आरोपों के आठ बिंदुओं की पुष्टि हुई। इस पर डीएम ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी। इस पर शासन ने शनिवार को पालिकाध्यक्ष डॉ. सबा शमीम को पद से हटा दिया।*जांच में सामने आए प्रमुख आरोप*
अध्यक्ष द्वारा अपने पिता को नगर पालिका के सरकारी अभिलेखों का निरीक्षण कराने का आरोप। बिना अनुमति के कार्यों में हस्तक्षेप और प्रशासनिक कार्यों में बाधा। 15वें वित्त आयोग के कार्यों में लापरवाही और देरी। शपथ ग्रहण से पहले बने स्पीड ब्रेकरों को तुड़वाने का आरोप। निविदा प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब। विकास योजनाओं में रुचि न लेने और बैठकों में अनुपस्थित रहने के आरोप।जीएसटी व आयकर जमा करने में देरी वहीं इस पूरे मामले में संजीव ओझा सीआरओ मुबाबरकपुर नगरपालिका अध्यक्ष के खिलाफ शिकायत हुई थी। इस शिकायत की शासन के निर्देश पर जांच कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। जांच में शिकायत के आठ आरोप पुष्ट हुए थे। शासन स्तर से अब कार्रवाई की गई है।
