
रिपोर्ट___अरुण यादव
आजमगढ़। मुबारकपुर नगरपालिका में कर्मचारियों के हक पर कथित डाका डालने वाली फर्म कॉंटिनेंटल सिक्योरिटी सर्विस के खिलाफ हुई जांच रिपोर्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। दो सदस्यीय जांच कमेटी ने ईपीएफ और ईएसआईसी मद में करीब 89 लाख रुपये के घोटाले में फर्म को दोषी माना है, लेकिन नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को क्लीनचिट दिए जाने पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता आमिर फहीम ने मामले में मंडलायुक्त और अपर आयुक्त से दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, कॉंटिनेंटल सिक्योरिटी सर्विस को मुबारकपुर नगरपालिका में आउटसोर्सिंग के तहत कर्मचारियों की आपूर्ति का टेंडर मिला था। आरोप है कि फर्म ने नगरपालिका के 294 कर्मचारियों के वेतन से ईपीएफ और ईएसआईसी के नाम पर 12 प्रतिशत की कटौती की, लेकिन करीब 44 लाख रुपये संबंधित विभागों में जमा नहीं किए। आरोप यह भी है कि नगरपालिका की ओर से फर्म को लगभग 45 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जिसे कर्मचारियों के अंशदान में जमा कराने के बजाय फर्म ने हड़प लिया। इस तरह कुल 89 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता आमिर फहीम की शिकायत पर अपर आयुक्त प्रशासन शमशाद हुसैन ने एसडीएम सदर और मुख्य कोषाधिकारी की दो सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि अधिशासी अधिकारी द्वारा फर्म को लगातार नोटिस जारी किए गए थे, इसलिए उन्हें आरोपों से मुक्त माना गया। वहीं जांच टीम ने फर्म को दोषी मानते हुए उसका 6 लाख रुपये का भुगतान रोकने की संस्तुति की है। फर्म पर फर्जी एफडीआर लगाने का आरोप भी लगाया गया था, लेकिन जांच कमेटी ने वर्ष 2024 के एक नए शासनादेश का हवाला देते हुए इस आरोप को खारिज कर दिया।
हालांकि शिकायतकर्ता आमिर फहीम ने जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस शासनादेश के आधार पर फर्जी एफडीआर के आरोप को खारिज किया गया, वह टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू हुआ था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब फर्म कर्मचारियों का ईपीएफ जमा नहीं कर रही थी, तब उसे लाखों रुपये का भुगतान क्यों किया गया। केवल नोटिस जारी कर देना अधिकारियों की जिम्मेदारी से मुक्ति नहीं हो सकती। अपर आयुक्त प्रशासन शमशाद हुसैन ने कहा कि शिकायतकर्ता द्वारा दोबारा शिकायत की गई है। मामले में फिर से जांच टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। यदि किसी स्तर पर दोष सिद्ध होता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
