रिपोर्ट____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के चंगईपुर गांव में बैंगन की कलौंजी खाने के बाद एक ही परिवार के पांच लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो लोगों का आईसीयू में उपचार चल रहा है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर खाद्य विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार चंगईपुर गांव निवासी अर्जुन गौतम के घर बुधवार रात बैंगन की कलौंजी बनाई गई थी। उस समय अर्जुन घर पर मौजूद नहीं थे। परिवार के सदस्य भोजन करने के बाद आपस में बातचीत कर रहे थे। खाना खाने के करीब आधे घंटे बाद रात लगभग 9:30 बजे पिता अनिल कुमार (40), मां मंशा देवी (38), दादी कुमारी देवी (65), बहन अंशिका (14) तथा ननिहाल से आए अमन कुमार (18) की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। वहीं परिजनों के मुताबिक सभी को चक्कर आना, मिचली, बेहोशी जैसी शिकायतें होने लगीं, जबकि अनिल कुमार को उल्टी भी होने लगी। हालत बिगड़ते देख ग्रामीणों ने अर्जुन को सूचना दी। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जीयनपुर पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति देखते हुए रेफर कर दिया।

परिजन पहले एक निजी अस्पताल और फिर मंडलीय जिला चिकित्सालय पहुंचे, लेकिन बाद में सभी को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में कुमारी देवी और अमन कुमार की हालत गंभीर बनी हुई है तथा दोनों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। वहीं अन्य मरीजों का उपचार जनरल वार्ड में किया जा रहा है।

चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीजों को तेज बुखार, पल्स डाउन और बेसुध होने जैसी समस्या थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामला फूड प्वाइजनिंग का है या संदिग्ध विषाक्तता का। हालांकि उपचार के बाद सभी मरीजों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। जीयनपुर कोतवाल विनय कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद खाद्य विभाग की टीम जांच में जुट गई है।