
रिपोर्ट____SP त्रिपाठी
आजमगढ़। जिले के सिधारी थाना क्षेत्र स्थित एक रेनबो अस्पताल में नवजात बच्चे का चोरी मामला सामने आने के बाद जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर मामले को दबाने और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। वहीं अस्पताल के एक कर्मचारी पर पैसे लेकर बच्चों को बेचने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। मामले को लेकर अस्पताल के बाहर काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। मिली जानकारी के अनुसार जिले के रहने वाले कमलेश वर्मा ने 12 मई को अपने बच्चों को सिधारी स्थित रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। उसी वार्ड में एक बच्ची का भी इलाज चल रहा था। आरोप है कि जब बच्चों की मां दूध पिलाने पहुंची और डायपर बदला गया, तब पता चला कि उनका बच्चा नहीं बल्कि बच्ची मौजूद है। इसके बाद परिवार के लोगों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे की तलाश शुरू की। बताया जा रहा है कि बदला गया बच्चा तरवां थाना क्षेत्र के रासेपुर बोंगरिया के कंचनपुर गांव पहुंच गया था। बाद में बच्चे को वापस लाया गया। पीड़ित पक्ष के लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मामले को रफा-दफा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। कमलेश वर्मा के दोस्त बिजली ने आरोप लगाया कि अस्पताल के कर्मचारी आशुतोष पर पैसा लेकर बच्चों को बेचने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं और पूरे मामले की फॉरेंसिक जांच होनी चाहिए। परिजनों का यह भी आरोप है कि उनका बच्चा स्वस्थ था, लेकिन दूसरे बच्चे का इलाज उनके नाम पर किया जा रहा था और रोजाना 520 रुपये वसूले जा रहे थे, जबकि आयुष्मान कार्ड भी लगाया गया था। गरीब परिवार से आने वाले कमलेश वर्मा ने कहा कि वह मेहनत से पैसा जुटाकर बच्चों का इलाज करा रहे हैं और इस तरह की लापरवाही ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चा मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पिता को अपने प्रभाव में ले लिया और किसी से मिलने नहीं दिया गया। इस पूरे मामले ने शहर के निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
