रिपोर्ट_______अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के बिलरियागंज कस्बे में एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद प्रसूता और उसकी नवजात बच्ची की मौत का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। घटना से नाराज परिजनों ने इलाज में लापरवाही और अवैध रूप से अस्पताल संचालन का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉक्टर को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही अस्पताल के पंजीकरण और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की चिकित्सकीय योग्यता की भी जांच कराई जा रही है।

जानकारी के अनुसार रौनापार थाना क्षेत्र के शाहडीह गांव निवासी 28 वर्षीय कौशल्या देवी, पत्नी मनीष साहनी, को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन बिलरियागंज कस्बे के महाराजगंज रोड स्थित राजेश हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। यहां डॉ. विनोद मौर्य द्वारा ऑपरेशन किए जाने के बाद बच्ची का जन्म हुआ।

परिजनों का आरोप है कि जन्म के कुछ ही देर बाद नवजात की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद प्रसूता कौशल्या देवी की हालत भी लगातार खराब होती चली गई। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन जिला मुख्यालय पहुंचने पर डॉक्टरों ने कौशल्या देवी को भी मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने पर बलरामपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और प्रसूता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जिस निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया, उसका वैध पंजीकरण नहीं था। उन्होंने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की चिकित्सकीय योग्यता पर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

थानाध्यक्ष बिलरियागंज अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि अस्पताल संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अस्पताल के पंजीकरण, चिकित्सकीय मानकों और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की डिग्री की जांच कराई जाएगी। परिजनों से तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच में जुटी हुई है।