रिपोर्ट____SP त्रिपाठी

आजमगढ़। जिले में एसएससी (जीडी) भर्ती परीक्षा में फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का मुख्य आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। मामले में नया मोड़ तब आया जब एक पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसे धमकी दी जा रही है। पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। वहीं पीड़ित के अनुसार उसे कथित धमकी भरे शब्दों में कहा गया कि,“जेल से पहले बेल होई,फिर से वही खेल होई, फिर तुम अपना समझना कि तुम्हारा क्या होगा…”। इस कथित धमकी के बाद परिवार भय के माहौल में है।

फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी दिलाने का था खेल

वहीं इस पूरे मामले में 20 मई को थाना रानी की सराय में शिकायत दर्ज कराई गई थी। आरोप है कि अर्द्धसैनिक बलों में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये वसूले गए और भर्ती प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

वहीं पुलिस ने जांच के दौरान 22 मई को राहुल कुमार, प्रदीप यादव और राकेश यादव को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह विभिन्न राज्यों के फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र और वोटर आईडी तैयार कर भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाने का प्रयास करता था।

प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये तक की वसूली

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह नौकरी दिलाने का झांसा देकर प्रत्येक अभ्यर्थी से लगभग 10 लाख रुपये तक वसूलता था। अब तक आजमगढ़ में ऐसे करीब आठ मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि बलिया जिले में भी इसी तरह के करीब 50 मामलों की जानकारी पुलिस को मिली है।

मुख्य आरोपी समेत तीन लोग अब भी फरार

पुलिस के अनुसार रानी की सराय क्षेत्र के कोईलारी खुर्द निवासी विद्यासागर को गिरोह का मुख्य सरगना माना जा रहा है। उसके अलावा वीरेंद्र यादव और बलिया निवासी मुन्ना शर्मा भी फरार चल रहे हैं।

दिल्ली, लखनऊ और बलिया में पुलिस की दबिश

वहीं इस पूरे मामले में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दिल्ली, लखनऊ और बलिया समेत विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। वहीं मुख्य आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन भी किया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।