
रिपोर्ट______आशीष निषाद
अतरौलिया विकासखंड क्षेत्र की अस्थायी पेडरा गौशाला के निरीक्षण के दौरान शुक्रवार को नायब तहसीलदार विवेकानंद व्यवस्थाओं को लेकर नाराज दिखे। गौशाला में गंदगी, पशुओं के हौद खाली मिलने और कुछ हौद में गोबर पाए जाने पर उन्होंने केयरटेकर रामरतन को जमकर फटकार लगाई। साथ ही ग्राम विकास अधिकारी और पशु चिकित्सक को अभिलेखों सहित कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान गौशाला का मुख्य द्वार बंद मिला। नायब तहसीलदार ने ग्राम विकास अधिकारी को फोन कर केयरटेकर से ताला खुलवाया। अंदर प्रवेश करते ही बरसात के कारण फैली गंदगी और पशुओं की देखरेख की स्थिति देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने गोवंशों की संख्या, उनके भोजन, भूसा, चोकर और साइलेज की उपलब्धता तथा प्रतिदिन दिए जाने वाले चारे की जानकारी ली। निरीक्षण में कई हौद खाली मिले, जबकि कुछ में गोबर भरा था। इस पर नायब तहसीलदार ने केयरटेकर रामरतन को चेतावनी देते हुए कहा कि गंदगी और लापरवाही से गोवंशों में खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने नियमित साफ-सफाई और समय से चारा-पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
ग्राम विकास अधिकारी अभय कुमार यादव ने बताया कि गौशाला में 81 गोवंश संरक्षित हैं। इनमें दो पशु बीमार हैं। गौशाला में 46 कुंतल भूसा, 18 कुंतल साइलेज और पर्याप्त मात्रा में चोकर उपलब्ध है। प्रत्येक गोवंश को प्रतिदिन दो किलोग्राम भूसा, तीन किलोग्राम साइलेज और एक किलोग्राम चोकर दिए जाने का दावा किया गया।
नायब तहसीलदार विवेकानंद ने बताया कि निरीक्षण के समय संबंधित रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया गया। गौशाला में गंदगी और हौदों में चारे की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही है। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी और पशु चिकित्सक को रजिस्टर के साथ बुढ़नपुर कार्यालय में तलब किया है, ताकि अभिलेखों के आधार पर पशुओं के रखरखाव और चारा वितरण की जांच की जा सके।
