
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में 1 सितंबर को आयोजित आरएसएस कार्यक्रम को लेकर हुए विरोध और उसके बाद सपा छात्र नेताओं के साथ कथित पुलिसिया दुर्व्यवहार का मामला एक बार फिर गरमा गया है। घटना के करीब एक सप्ताह बाद निद्रा से जागे सपाईयों ने सोमवार को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल छात्र नेताओं के साथ पुलिस अधीक्षक (SP) से मिला और पूरे मामले की शिकायत करते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
एसपी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने कहा कि 1 सितंबर को विश्वविद्यालय के उपकुलपति के आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने का छात्रों ने विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उप कुलपति सभी धर्मों और सभी जातियों का होता है, ऐसे में उसे किसी एक विशेष धर्म या जाति के कार्यक्रम में जाने से बचना चाहिए। इसी को लेकर छात्रों ने अपना विरोध दर्ज कराया था।हवलदार यादव ने आरोप लगाया कि विरोध के दौरान पुलिस ने सपा छात्र नेताओं के साथ बर्बरता की और उन्हें उठाकर कोतवाली ले जाकर बंद कर दिया। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की। छात्रों द्वारा पानी मांगने पर भी पानी नहीं दिया गया और कोतवाली का गेट बंद कर दिया गया।
‘कोतवाली किसी CO या कोतवाल की नहीं, जनता की है’
सपा जिलाध्यक्ष ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोतवाली का गेट हमेशा खुला रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “कोतवाली किसी सीओ या कोतवाल की नहीं है, यह हम सब जनता की है।” उन्होंने एसपी से मांग की कि ऐसे अधिकारियों पर नकेल कसी जाए, क्योंकि उनके अनुसार ऐसे अधिकारी विवाद की स्थिति पैदा कराते हैं। आगे उन्होंने कहा कि पार्टी ने एसपी के सामने पूरे घटनाक्रम को रखा है और छात्रों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
एक सप्ताह बाद मुलाकात पर बोले- बीच में छुट्टियां थीं
जब मीडिया ने सपा प्रतिनिधिमंडल के एसपी से मिलने में करीब एक सप्ताह लगने को लेकर सवाल किया तो हवलदार यादव ने कहा कि बीच में छुट्टियां थीं और पार्टी के विधायक भी उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी बड़ी पार्टी है और सभी लोगों को एक साथ इकट्ठा करने में समय लगता है।उन्होंने कहा कि अब प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से मुलाकात कर छात्रों के साथ हुए कथित पुलिसिया दुर्व्यवहार का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है और उम्मीद है कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि 1 सितंबर को महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में आरएसएस के एक कार्यक्रम में उपकुलपति के शामिल होने को लेकर समाजवादी छात्रसभा के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी थी और कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया था। अब इस घटना के करीब एक सप्ताह बाद सपा प्रतिनिधिमंडल की एसपी से मुलाकात के बाद मामला फिर चर्चा में है।
