रिपोर्ट____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले के मेंहनगर तहसील क्षेत्र के ग्राम इनवल में सरकारी ऊसर भूमि और सार्वजनिक पोखरी/तालाब की जमीन पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। गांव निवासी बंशराज यादव ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि कई बार शिकायत और प्रशासनिक आदेशों के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, बल्कि राजस्व कर्मियों और ग्राम प्रधान की मिलीभगत से अवैध निर्माण कार्य जारी है। प्रार्थी बंशराज यादव पुत्र चौथी यादव निवासी ग्राम इनवल, परगना बेलादौलताबाद, तहसील मेंहनगर ने जिलाधिकारी को दिए आवेदन में बताया कि ग्रामसभा की सरकारी ऊसर भूमि एवं सार्वजनिक पोखरी/तालाब की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा, निर्माण और खेती की जा रही है। उनका आरोप है कि गाटा संख्या 171 और 172, जो राजस्व अभिलेखों में सरकारी ऊसर भूमि के रूप में दर्ज हैं, पर कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है।इसके अलावा गाटा संख्या 39 और 53, जो खतौनी में पोखरी के रूप में दर्ज हैं, पर भी कथित रूप से अवैध खेती और कब्जा किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन भूमियों पर अतिक्रमण से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बंशराज यादव ने आरोप लगाया कि इस मामले में पूर्व में जिलाधिकारी और मंडलायुक्त स्तर से कई आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजस्व कर्मियों और ग्राम प्रधान की कथित मिलीभगत से अवैध कब्जाधारियों का मनोबल बढ़ रहा है।शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सरकारी भूमि और सार्वजनिक तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए, अवैध निर्माण एवं खेती को तत्काल हटाया जाए तथा दोषी व्यक्तियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 और लोक संपत्ति संरक्षण से संबंधित प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।