
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। गांधी शताब्दी इंटर कॉलेज, कोइलसा के पूर्व प्रवक्ता एवं क्षेत्र के शिक्षाविद् मानिक चंद श्रीवास्तव का मंगलवार की देर रात करीब 2 बजे लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने 77 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षकों, पूर्व सहकर्मियों, विद्यार्थियों, परिचितों और शुभचिंतकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
मानिक चंद श्रीवास्तव ने गांधी शताब्दी इंटर कॉलेज कोइलसा में प्रवक्ता के रूप में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान और विद्यार्थियों के प्रति उनके समर्पण को लोग श्रद्धापूर्वक याद कर रहे हैं। उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन
परिजनों के अनुसार, मानिक चंद श्रीवास्तव पिछले काफी समय से अस्वस्थ चल रहे थे। बीमारी के दौरान उनका उपचार भी चल रहा था। मंगलवार रात करीब 2 बजे उनकी तबीयत बिगड़ी और उनका निधन हो गया। 77 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर परिवार और शुभचिंतकों के लिए बेहद दुखद रही।
उनके निधन की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए उनके आवास पहुंचे। परिवार के लोगों और करीबियों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। शुभचिंतकों ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
कम्हरिया घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
बुधवार को अंबेडकर नगर जनपद स्थित कम्हरिया घाट पर मानिक चंद श्रीवास्तव का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में परिजनों के साथ उनके परिचित, शुभचिंतक और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। गमगीन माहौल में उन्हें अंतिम विदाई दी गई।
उनके बड़े पुत्र अनूप श्रीवास्तव ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
शिक्षा जगत में छोड़ी अपनी पहचान
गांधी शताब्दी इंटर कॉलेज कोइलसा से जुड़े रहे मानिक चंद श्रीवास्तव को शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा। उनके निधन से विद्यालय परिवार और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में शोक है। पूर्व सहकर्मियों और विद्यार्थियों ने कहा कि उनका व्यक्तित्व सरल, व्यवहार कुशल और विद्यार्थियों के प्रति समर्पित था।
उनके निधन से परिवार ने जहां अपना एक महत्वपूर्ण सदस्य खो दिया, वहीं शिक्षा जगत ने भी एक अनुभवी शिक्षक और मार्गदर्शक को खो दिया है। क्षेत्र के लोगों ने कहा कि मानिक चंद श्रीवास्तव की सेवाओं और उनके व्यक्तित्व को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
ईश्वर से आत्मा की शांति की प्रार्थना
शोकाकुल परिजनों और शुभचिंतकों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। उनके निधन से परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त है।
