रिपोर्ट______अरुण यादव

आजमगढ़। आगामी विधानसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से आजमगढ़ के नेहरू हाल में आयोजित बैठक में शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव का दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बयान को लेकर अब जिले की सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता जयनाथ सिंह ने सपा एमएलसी के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनता का अपमान बताया है।

बैठक में शिक्षकों को संबोधित करते हुए लाल बिहारी यादव ने कहा कि “अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें तो हम सभी को उसी को वोट देना है।” उनके इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है।

एमएलसी चुनाव को लेकर सपा की बैठक

दरअसल, आगामी एमएलसी चुनाव और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार संगठन को मजबूत करने में जुटी है। इसी क्रम में आजमगढ़ के नेहरू हाल में शिक्षकों की बैठक आयोजित की गई थी। कार्यक्रम में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के जरिए पार्टी ने शिक्षकों को अपने पक्ष में लामबंद करने और आगामी चुनावों के लिए समर्थन जुटाने की रणनीति पर जोर दिया। इसी कार्यक्रम के दौरान शिक्षक एमएलसी लाल बिहारी यादव का यह बयान सामने आया।

बीजेपी नेता जयनाथ सिंह ने बोला हमला

सपा एमएलसी के बयान पर भाजपा नेता जयनाथ सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में व्यक्ति और राजनीतिक दल चुनाव लड़ते हैं। ऐसे में एक शिक्षक एमएलसी और विधान परिषद के सम्मानित सदस्य द्वारा इस तरह की बात किया जाना हास्यास्पद और निंदनीय है।

जयनाथ सिंह ने कहा कि लाल बिहारी यादव को अपने बयान पर विचार करना चाहिए और सर्व समाज तथा आजमगढ़ की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस तरह के बयान से क्या आजमगढ़ की जनता या गोपालपुर की जनता का अपमान नहीं होता?

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के मंच पर सांसद, पूर्व विधायक, मंत्री और विधायक जैसे तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे, फिर भी इस तरह का बयान दिया गया। भाजपा नेता ने इसे इंसानियत और जनता का अपमान बताते हुए कहा कि ऐसे बयान को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

‘जनता को कुत्ता कहना लोकतंत्र का अपमान’

जयनाथ सिंह ने कहा कि जनता अपने मताधिकार का प्रयोग कर जनप्रतिनिधि चुनती है। किसी राजनीतिक दल द्वारा प्रत्याशी घोषित किए जाने का मतलब यह नहीं कि जनता को किसी भी व्यक्ति को आंख बंद करके वोट देना होगा। उन्होंने सपा एमएलसी के बयान को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए इसकी घोर निंदा की।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर पार्टी किसी व्यक्ति को टिकट देकर चुनाव लड़ाती है तो क्या वह व्यक्ति भी उसी तर्क के आधार पर ‘कुत्ता’ हो जाता है? उन्होंने लाल बिहारी यादव से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।

अखिलेश यादव के बयान का भी जिक्र

वहीं, इसी राजनीतिक माहौल के बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर अधिकारियों पर कथित दबाव बनाने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि ईमानदार अधिकारियों पर कमीशन के जरिए भ्रष्टाचार करने, भाजपा कार्यकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए निविदाओं में हेरफेर करने, तबादलों और तैनातियों को कारोबार बनाने तथा चंदा रसीद के जरिए वसूली में मदद करने का दबाव बनाया जा रहा है।

अब लाल बिहारी यादव के वायरल बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद आजमगढ़ में इसको लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, वायरल वीडियो को लेकर सपा एमएलसी की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत सफाई सामने नहीं आई है।