
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में रक्षाबंधन के दिन मायके में भाई को राखी बांधकर पति और चार माह के बच्चे के साथ ससुराल लौट रही विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। जिला अस्पताल के गेट पर शव रखकर आजमगढ़-गोरखपुर मार्ग जाम करने, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने 36 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें 35 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 20-25 अज्ञात पुरुष और महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया है।
तहबरपुर थाना क्षेत्र के सोहिला गांव निवासी नगीना राम की 25 वर्षीय बेटी रेनू देवी की शादी करीब एक वर्ष पहले सिधारी थाना क्षेत्र के गेलवारा गांव निवासी शिवम कुमार के साथ हुई थी। रेनू का चार माह का बच्चा है। रक्षाबंधन के दिन वह पति शिवम और बच्चे के साथ मायके भाई को राखी बांधने गई थी। शाम को तीनों बाइक से गेलवारा स्थित अपने घर लौट रहे थे।
बाइक से गिरने के बाद बिगड़ी हालत
पति शिवम के अनुसार, गेलवारा के पास बाइक से गिरने के कारण रेनू गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे नरौली स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे मंडलीय अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। मंडलीय अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने रेनू को मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत की जानकारी मिलने पर मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए रेनू की हत्या करने का आरोप लगाया। रेनू के पिता की ओर से ससुराल पक्ष के खिलाफ पुलिस को तहरीर भी दी गई है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शव ले जाने को लेकर पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद मायके पक्ष के लोगों ने शव को अपने घर ले जाने की मांग की। शव ससुराल पक्ष को सौंपे जाने की प्रक्रिया के दौरान विवाद बढ़ गया। मायके पक्ष के लोग पहले एफआईआर दर्ज करने और उसके बाद शव ले जाने की मांग करने लगे। पोस्टमार्टम हाउस पर काफी देर तक हंगामा हुआ। पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया।
इसके बाद जिला अस्पताल के गेट के सामने मायके पक्ष के लोगों ने शव रखकर आजमगढ़-गोरखपुर मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सड़क पर प्रदर्शन के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और तीमारदारों के साथ ही एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं।
पुलिस से धक्का-मुक्की और नारेबाजी का आरोप
कोतवाली पुलिस की एफआईआर के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटने और यातायात बहाल करने के लिए समझाया गया, लेकिन वे तत्काल हटने को तैयार नहीं हुए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की तथा शासन, प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान राहगीरों, ऑटो, बाइक सवारों, स्कूली बसों और अन्य वाहनों को रोका गया। कुछ एंबुलेंसों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न होने की बात एफआईआर में कही गई है। करीब एक घंटे तक समझाने के बाद कुछ लोगों को एफआईआर दर्ज कराने के लिए सिधारी थाने भेजा गया। इसके बाद भी सड़क पर भीड़ जमा रही।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में कोतवाली पुलिस ने बीएनएस की धारा 189(2), 190, 191(2), 126(2), 121(1), 125, 109(1) और 221 के साथ आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम की धारा सात के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर संख्या 0445 को 30 अगस्त 2026 की शाम 7:29 बजे दर्ज किया गया।
एफआईआर में शनि देव, मनोज कुमार, सचिन कुमार, रामचेत, चैतू, धंनौता, संजय, गोविंद यादव, चंद्रशेखर यादव, चंद्रभान, अमरनाथ, हरिरलाल, अशोक, विनय उर्फ रिंकू, लालसा, आनंद कुमार, दुर्गा प्रसाद, मनोज कुमार, राम बाबू , जगजीवन, गुजराती, संतोष कुमार, कमल, लखपति,धर्मदेई, नीरज, गोपाल राज, राम नवमी, विद्या, अवधेश प्रसाद, हरिप्रसाद, श्रवण, सुमन, अजय और धिराजी को नामजद किया गया है। इसके अलावा 20-25 अज्ञात पुरुष और महिलाओं को भी आरोपी बनाया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में दर्ज आरोपों के आधार पर जांच की जा रही है। वहीं विवाहिता की मौत को लेकर मायके पक्ष की ओर से लगाए गए दहेज हत्या के आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।
