रिपोर्ट_____आशीष निषाद 

आजमगढ़। जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पियरिया धर्मशाला चौक स्थित अवध क्लीनिक में कथित गलत इलाज और लापरवाही के चलते एक महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने क्लीनिक संचालक डॉक्टर अंशु पर बिना मान्यता प्राप्त डिग्री और पंजीकरण के मरीजों का इलाज करने तथा हालत बिगड़ने के बाद भी समय से रेफर नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर परिजनों ने कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर से मुलाकात कर शिकायती पत्र सौंपा और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मंत्री ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

अहिरौला थाना क्षेत्र के गौरी गांव निवासी उदयराज और उनके भतीजे राजन कुमार के अनुसार, 21 अगस्त को उदयराज की पत्नी चम्पा देवी के पेट में अचानक दर्द हुआ। परिजन उन्हें पियरिया धर्मशाला चौक स्थित अवध क्लीनिक लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां डॉक्टर अंशु ने जांच के बाद आंत में सूजन बताते हुए दवाएं दीं।

परिजनों के मुताबिक, अगले दिन 22 अगस्त की सुबह तबीयत में सुधार नहीं होने पर चम्पा देवी को दोबारा क्लीनिक ले जाया गया। आरोप है कि इस दौरान संचालक ने परिजनों की स्पष्ट सहमति के बिना मरीज को भर्ती कर लिया और ड्रिप व इंजेक्शन लगाना शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि शाम को चम्पा देवी की हालत बिगड़ने लगी। उन्होंने मरीज को डिस्चार्ज कर जिला अस्पताल आजमगढ़ ले जाने की बात कही, लेकिन डॉक्टर ने कथित तौर पर मरीज को क्लीनिक में ही ठीक करने का भरोसा दिया। परिजनों के अनुसार, रात करीब 9:30 बजे एक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद चम्पा देवी की सांस फूलने लगी और दर्द बढ़ गया। इसके बावजूद उन्हें तत्काल किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया गया। आरोप है कि रात करीब 1:30 बजे हालत अधिक गंभीर होने पर मरीज को ले जाने की अनुमति दी गई।

परिजन चम्पा देवी को लेकर क्लीनिक से निकले ही थे कि रात करीब 1:40 बजे रास्ते में उनकी मौत हो गई। मृतका के भतीजे राजन कुमार का आरोप है कि बाद में छानबीन करने पर पता चला कि डॉक्टर अंशु के पास मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री नहीं है और क्लीनिक का स्वास्थ्य विभाग में वैध पंजीकरण भी नहीं है। परिजनों का यह भी कहना है कि क्लीनिक पर चिकित्सकीय डिग्री संबंधी कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है।

मामले में परिजनों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर को शिकायती पत्र देकर अवध क्लीनिक को तत्काल सील कराने, संचालक के खिलाफ जांच कर कानूनी कार्रवाई करने तथा लापरवाही के लिए गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और क्लीनिक के संचालन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बिना डिग्री और पंजीकरण के मरीजों का इलाज किया जा रहा था तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।