
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश में विधायकों के विकास निधि से होने वाले कार्यों में कथित कमीशनखोरी को लेकर एक बड़े मीडिया संस्थान के स्टिंग ऑपरेशन ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है। स्टिंग में दावा किया गया है कि विधायक निधि से विकास कार्यों के लिए राशि जारी कराने की प्रक्रिया में कथित तौर पर कमीशन का एक पूरा सिस्टम काम कर रहा है।
मीडिया के रिपोर्ट के मुताबिक, स्टिंग टीम विधायकों के अनुशंसा पत्र लेकर विभिन्न जिलों के CDO कार्यालयों में पहुंची। रिपोर्ट में दावा किया गया कि फंड रिलीज कराने की प्रक्रिया में छोटे कर्मचारी से लेकर अधिकारियों तक कथित तौर पर अलग-अलग स्तर पर कमीशन तय है।
स्टिंग रिपोर्ट में आजमगढ़ जिले की मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र की सपा विधायक पूजा सरोज के नाम से 81 लाख रुपये विधायक निधि से जारी करने के लिए अनुशंसा पत्र का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें कथित तौर पर 35 प्रतिशत कमीशन की डील की बात सामने आई।
वहीं मीडिया की टीम ने NGO मैनेजर बनकर आजमगढ़ CDO कार्यालय में सहायक लेखाकार अशोक कुमार श्रीवास्तव से बातचीत की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के दौरान सहायक लेखाकार ने कथित कमीशन व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
स्टिंग में जब मीडिया रिपोर्टर ने पूछा कि कितना प्रतिशत कमीशन चल रहा है, तो कथित तौर पर जवाब मिला कि AE और अन्य स्तरों को मिलाकर करीब 7 प्रतिशत कमीशन होगा। बातचीत में AE, BDO और CDO स्तर का भी उल्लेख किया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फंड रिलीज होने पर तय 7 प्रतिशत कमीशन का 60 प्रतिशत एडवांस देने की बात कही गई। बातचीत के दौरान 5 हजार रुपये लेने और काम हो जाने का आश्वासन देने का भी दावा किया गया।
वहीं इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ राकेश कुमार पटेल ने बताया कि एक वीडियो वायरल हुआ तो ये चीज़ें संज्ञान में आई हैं। इसके लिए हम लोग दो क्लास वन ऑफिसर्स का, जिसमें एक CTO होंगे और एक और अधिकारी जो विकास भवन या विकास कार्य से जुड़े हुए नहीं हैं, उनकी कमेटी बना करके इस वीडियो की सत्यता और जो भी इसमें इंवॉल्व हैं उनकी जाँच कराने के बाद जो भी कार्यवाही होगी कराई जाएगी।”
