
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गहजी गांव में 22 सितंबर को हुई घटना को जातिगत विवाद और तनाव से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही पोस्ट का आजमगढ़ पुलिस ने खंडन किया है। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच और उपलब्ध तथ्यों में घटना के पीछे किसी तरह के जातिगत संघर्ष का तथ्य सामने नहीं आया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि घटना घर में चल रहे पूजा-पाठ के चौथे दिन उत्पन्न हुए विवाद के बाद हुई। पुलिस के मुताबिक, विवाद के बाद अभियुक्त अरविंद सिंह ने अपनी पत्नी और पूजा कराने आए दो पुरोहितों पर फायरिंग कर दी। इस दौरान उसकी पत्नी ने दोनों पुरोहितों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन अंधाधुंध फायरिंग में पत्नी समेत दोनों पुरोहितों की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद अरविंद सिंह अपने तीन बच्चों के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने करीब सात घंटे तक उससे दरवाजा खोलने और समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस के अनुसार, अरविंद ने अपने एक बच्चे शौर्य को गोली मार दी। बच्चों की जान बचाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। अरविंद और उसके बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों की मृत्यु हो गई।
तीनों परिवारों के बीच जातिगत विवाद का तथ्य नहीं मिला
आजमगढ़ पुलिस ने कहा कि अब तक की जांच में घटना का जातिगत संघर्ष से संबंध होने का कोई तथ्य सामने नहीं आया है। परिवारजनों के बयानों के आधार पर भी अभियुक्त को छोड़कर संबंधित तीनों परिवारों के बीच किसी तरह का जातिगत विवाद या पूर्व शिकायत सामने नहीं आई है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद उत्पन्न बेहद विषम परिस्थितियों के बावजूद संबंधित तीनों परिवार एक-दूसरे के दुख में शामिल हुए और संवेदना व्यक्त की। गांव, आसपास के लोगों और तीनों परिवारों के रिश्तेदारों ने भी परिवारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध होने की जानकारी दी है।
‘ठाकुर बनाम ब्राह्मण’ बताने वाली पोस्ट पर मुकदमा
पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर घटना को ‘ठाकुर बनाम ब्राह्मण’ विवाद के रूप में प्रस्तुत करते हुए कुछ भ्रामक और तथ्यहीन दावे प्रसारित किए जा रहे थे। ऐसे ही एक X अकाउंट के विरुद्ध थाना अहरौला में मु0अ0सं0 330/2026, धारा 353(1)(ग) बीएनएस एवं 66(C) आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना से संबंधित सभी पहलुओं की निष्पक्ष और विधिसम्मत जांच जारी है। साथ ही सोशल मीडिया पर घटना के संबंध में भ्रामक या तथ्यहीन सामग्री प्रसारित करने वाले अकाउंट और पोस्ट की निगरानी की जा रही है।
भ्रामक पोस्ट से बचने की अपील
आजमगढ़ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि शंभूपुर घटना के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट पोस्ट या दावों पर विश्वास न करें। पुलिस ने लोगों से केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर भरोसा करने की अपील की है।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि जाति या वर्ग के आधार पर नफरत और तनाव फैलाने वाली भ्रामक अथवा भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर समाज में भ्रम या वैमनस्य पैदा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
