
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के बढ़ते खतरे के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को आजमगढ़ में विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई। “स्वस्थ भारत: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से मुकाबला” थीम पर आयोजित ‘AZAMGARH UNITES AGAINST AMR 2026’ अभियान में जिले के विभिन्न फार्मेसी कॉलेजों के लगभग 1015 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
रैली सुबह नौ बजे डीएवी डिग्री कॉलेज परिसर से शुरू हुई। इसमें आरके फार्मेसी कॉलेज, आजमगढ़ फार्मेसी कॉलेज, राहुल सांकृत्यायन कॉलेज ऑफ फार्मेसी, पीपीएस फार्मेसी कॉलेज, क्रॉस बेली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, क्रॉस बेली कॉलेज ऑफ फार्मेसी समेत जनपद के अन्य फार्मेसी कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल हुए। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पुनः डीएवी डिग्री कॉलेज परिसर पहुंचकर समाप्त हुई।
सफेद लैब कोट पहने विद्यार्थियों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां और बैनर लेकर लोगों को एंटीबायोटिक दवाओं के अनावश्यक एवं गलत इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने नारों के माध्यम से संदेश दिया कि एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं करना चाहिए।
आयोजकों ने बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं के लगातार गलत और अनावश्यक इस्तेमाल से बैक्टीरिया पर दवाओं का असर कम होने लगता है। इस स्थिति को एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) कहा जाता है। इसके बढ़ने से भविष्य में सामान्य संक्रमणों का इलाज भी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए आमजन में जागरूकता बेहद जरूरी है। वहीं अभियान के दौरान फार्मासिस्ट की सामाजिक भूमिका पर भी जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि फार्मासिस्ट केवल दवा विक्रेता नहीं, बल्कि दवाओं का विशेषज्ञ और जनस्वास्थ्य का प्रहरी है। दवाओं के सही इस्तेमाल के प्रति लोगों को जागरूक करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। रैली की खास बात यह रही कि जिले के अलग-अलग फार्मेसी कॉलेजों ने एक मंच पर आकर सामूहिक रूप से इस जनहित के अभियान में भागीदारी की। सभी संस्थानों ने एक स्वर में संदेश दिया कि संस्थान भले ही अलग-अलग हों, लेकिन पेशा, पहचान और समाज के प्रति जिम्मेदारी एक है। कार्यक्रम की सफलता में सहभागी कॉलेजों के प्रबंधन, निदेशकों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और जिला प्रशासन का सराहनीय सहयोग रहा। अभियान के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि एंटीबायोटिक दवाओं का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें और दवाओं का असर बचाकर आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित बनाएं।
‘एक जिला, एक मिशन, एक आवाज—AMR के खिलाफ!’ के संदेश के साथ यह जागरूकता रैली संपन्न हुई।
