
रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा में नकल कराने की साजिश का पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतर्जनपदीय नकल माफिया गिरोह से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अभ्यर्थी को परीक्षा में पास कराने के लिए ₹6 लाख में सौदा तय हुआ था। इसके लिए हियरिंग डिवाइस और ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए परीक्षा के दौरान बाहर से प्रश्नों के उत्तर बताने की तैयारी की गई थी। मामला 9 अगस्त 2026 का है। आजमगढ़ के शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज में UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा के दौरान ब्लॉक-A के एक कक्ष में परीक्षा दे रहे वाराणसी निवासी अभ्यर्थी आलोक पटेल की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर कक्ष निरीक्षकों ने उसकी जांच की। तलाशी के दौरान उसके कान के अंदर से एक हियरिंग डिवाइस तथा अंडरवियर के अंदर से सिम कार्ड और दो सेल बैटरी लगा ब्लूटूथ डिवाइस बरामद हुआ। वहीं पूछताछ में सामने आया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए अभ्यर्थी को परीक्षा के दौरान बाहर से प्रश्नों के उत्तर उपलब्ध कराने की योजना थी। मामले में थाना कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और अभ्यर्थी आलोक पटेल को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
₹6 लाख में तय हुआ था पास कराने का सौदा
विवेचना के दौरान नकल कराने वाले गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की। इसी क्रम में मंगलवार 11 अगस्त 2026 को पुलिस टीम ने वाराणसी के जंसा थाना क्षेत्र निवासी वीरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू (31) को आजमगढ़ के प्राइवेट बस अड्डे से करीब 12:30 बजे गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक वीवो मोबाइल फोन बरामद किया गया।
₹15 हजार एडवांस लेने की बात सामने आई
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों आनंद पटेल और कुश पटेल के साथ मिलकर परीक्षा में अभ्यर्थियों को पास कराने की व्यवस्था करने वाले लोगों से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, आलोक पटेल को UPSSSC प्राविधिक मुख्य परीक्षा में पास कराने के लिए ₹6 लाख में सौदा तय हुआ था।आरोपी के मुताबिक, परीक्षा में नकल कराने के लिए आलोक पटेल को हियरिंग/ईयर डिवाइस और ब्लूटूथ डिवाइस उपलब्ध कराई गई थी। डिवाइस के इस्तेमाल की विधि भी बताई गई थी। उपकरण उपलब्ध कराने के एवज में ₹15 हजार एडवांस लिए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। पुलिस का कहना है कि परीक्षा के दौरान आलोक पटेल के पकड़े जाने के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका भी विवेचना में सामने आई है। मामले में प्रकाश में आए अन्य व्यक्तियों के संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान वीरेन्द्र कुमार राय उर्फ बाबू पुत्र स्व. तारसनाथ, निवासी कुरौना सरौनी, थाना जंसा, जनपद वाराणसी के रूप में हुई है। उसके कब्जे से एक वीवो मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ वाराणसी और आजमगढ़ में मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास में वर्ष 2021 का फूलपुर थाना, वाराणसी का मुकदमा तथा वर्तमान नकल प्रकरण शामिल है।
इन पुलिसकर्मियों ने की गिरफ्तारी
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक राजेन्द्र कुमार, रिजर्व कांस्टेबल अवधेश सिंह, उत्सव प्रताप सिंह, आकाश गुप्ता और ऋषिकेश यादव शामिल रहे। वहीं पुलिस के मुताबिक, मामले की विवेचना जारी है और नकल माफिया गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
