
रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में व्यक्तिगत शौचालय योजना के आवेदन में एक अविवाहित दिव्यांग महिला को उसके चचेरे भाई की पत्नी दर्शाने के मामले में जिला पंचायत राज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। पूरा मामला मिर्जापुर विकास खंड के बनवीरपुर गांव का है। गांव निवासी सुषमा सिंह ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि व्यक्तिगत शौचालय योजना के लिए किए गए आवेदन में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव द्वारा उन्हें उनके चचेरे भाई विवेक सिंह की पत्नी के रूप में दर्ज कर दिया गया। जबकि सुषमा सिंह अविवाहित होने के साथ-साथ दिव्यांग भी हैं। पीड़िता ने इस संबंध में मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। वर्ष 2025 और 2026 में हुई शिकायतों की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि ग्राम पंचायत स्तर पर अभिलेखों में सुषमा सिंह को विवेक सिंह की पत्नी के रूप में दर्ज किया गया था। बाद में हुई जांच में स्पष्ट हुआ कि विवेक सिंह उनके चचेरे भाई हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन में शिकायत सही पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव तथा पंचायत सहायक की ओर से भ्रामक आख्या प्रस्तुत की गई थी। मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी संतोष कुमार यादव की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विकास खंड फूलपुर से संबद्ध कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि मामले की विभागीय जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), पवई को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें तीन सप्ताह के भीतर आरोप पत्र तैयार कर सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
