रिपोर्ट___अरुण यादव 

आज़मगढ़। जिले में महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय की सत्र 2023-24 की सम सेमेस्टर परीक्षाओं के बीच नकल माफियाओं पर प्रशासन का चाबुक चलना शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय की शुचिता को बनाए रखने के लिए कुलपति के कड़े रुख के बाद, उड़न दस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सामूहिक नकल का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि नकल में संलिप्त संस्थानों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए नजीर बनेगी। कुलपति प्रो. संजीव कुमार के विशेष निर्देश पर गठित डॉ. पंकज सिंह एवं डॉ. शफीउज़्ज़मा की उड़न दस्ता टीम निरंतर विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रही है। इसी क्रम में टीम ने गांधी त्रिवेणी स्मारक बरदह नोडल केंद्र से सम्बद्ध बाबा सहोरु दास स्मारक महाविद्यालय, नन्दाव पर दूसरी पाली की परीक्षा के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान टीम उस समय दंग रह गई जब परीक्षा कक्षों में मानक की धज्जियां उड़ाते हुए परीक्षार्थी सामूहिक रूप से नकल करते पाए गए। उड़न दस्ते ने मौके पर न केवल नकल सामग्री बरामद की, बल्कि यह भी पाया कि महाविद्यालय प्रशासन द्वारा विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों और परीक्षा संचालन की गाइडलाइन्स का उल्लंघन किया जा रहा था। इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट मिलते ही कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रवेश कुमार सिंह के माध्यम से जारी बयान में कुलपति ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की पवित्रता और शुचिता सर्वोपरि है। “विश्वविद्यालय की साख और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। शासन की मंशा के अनुरूप नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराना हमारी प्राथमिकता है। जो भी महाविद्यालय दोषी पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” कुलपति ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बाबा सहोरु दास स्मारक महाविद्यालय के विरुद्ध नियमों के तहत तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। विश्वविद्यालय इस रिपोर्ट के आधार पर महाविद्यालय का परीक्षा केंद्र निरस्त किया जा सकता है या उसे भविष्य की परीक्षाओं के लिए डिबार (प्रतिबंधित) किया जा सकता है। साथ ही, भारी अर्थदंड लगाने पर भी विचार किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा परीक्षाओं में शुचिता सुनिश्चित करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय इस नीति का कड़ाई से पालन कर रहा है। उड़न दस्ते की इस सक्रियता ने उन महाविद्यालयों में हड़कंप मचा दिया है जो अब तक परीक्षा की आड़ में अनुचित साधनों को बढ़ावा देते रहे हैं।